कांग्रेस की देशद्रोही मानसिकता

गौतमबुद्धनगर, उत्तर प्रदेश/चन्द्रपाल प्रजापतिः महात्मा गांधी के पोते गोपाल कृष्ण गांधी को उपराष्ट्रपति चुनाव में कांग्रेस द्वारा विपक्ष (यूपीए) का उम्मीदवार बनाना कांग्रेस की देशद्रोही मानसिकता को दर्शाता है। यह वही गोपाल कृष्ण गांधी हैं जिन्होंने 1993 के मुंबई धमाकों के दोषी याकूब मेनन की फांसी रुकवाने की कोशिश की थी। आतंकी याकूब मेनन की फांसी रुकवाने के लिए गोपाल कृष्ण गांधी ने राष्ट्रपति को खत लिखकर यह गुजारिश की थी कि याकूब की फांसी रद्द की जाय। अपनी दलील में गोपाल कृष्ण गांधी ने कहा था कि “जब भारतीय व्यवस्था के सामने खुद को सुपुर्द किया और उससे कानून से सहयोग की बात भी सामने आई हो तब उसे फांसी दिया जाना ठीक नहीं।” कांग्रेस ने गोपालकृष्ण गांधी को उम्मीदवार बनाकर अपनी संकीर्ण सोच दिखाइ है और यह देश के लिए बहुत घातक है। इससे पहले भी कांग्रेसी नेता संदीप दीक्षित का देश के प्रमुख को सड़क छाप कुंडा कहना पाकिस्तानी प्रेम को दर्शाता है। मध्य प्रदेश में किसानों के नाम पर हिंसा करने पर कांग्रेस की पोल खुल गई है। एक के बाद एक हुई घटनाओं ने कांग्रेस को कटघरे में लाकर खड़ा कर दिया है। पहले जीतू पटवारी फिर डी. पी. धाकड़ और शकुंतला खटीक ने जिस तरह से लोगों को उकसाया उससे साफ हो गया था कि कांग्रेस मध्य प्रदेश में दंगा कराना चाहती थी। एक तरफ सिक्किम की सीमा पर देश के जवान चीनी सैनिकों की दबंगई का विरोध कर रहे थे। चीन की राजनीतिक दादागिरी का प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी हर स्तर पर प्रतिकार कर रहे थे और उसका जवाब दे रहे थे। वहीं दूसरी तरफ कांग्रेस देश के दुश्मनों को गले लगा रही थी राहुल गांधी चीनी दूतावास में जाकर वहां के राजदूत से मुलाकात कर रहे थे। कांग्रेस के गिरने की कोई हद नहीं है देशद्रोहियों के साथ कांग्रेस की मिली भगत है। कांग्रेस के नेता मनीशंकर अय्यर पाकिस्तान जाकर मोदी को हटाने के लिए मदद मांगते हैं । जब उत्तराखंड सरकार के मंत्री धन सिंह रावत ने कहा था कि प्रदेश में रहने वाले सभी लोगों को वंदे मातरम् गाना पड़ेगा तब उत्तराखंड कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष किशोर उपाध्याय ने कहा कि हम किसी भी कार्यक्रम में वंदे मातरम नहीं गाएंगे और ना ही भारत माता की जय बोलेंगे। कांग्रेस के राष्ट्रीय प्रवक्ता शकील अहमद ने कहा था कि किसी दुश्मन देश को भी नरेंद्र मोदी जैसे सरकार ने दे। दिग्विजय सिंह ने तो पाकिस्तान प्रेम को पूरी तरह से सही साबित किया था। जब उन्होंने अपने बयान में कहा था कि भारत के कब्जे वाले कश्मीर में अशांति फैली हुई है और जिसकी जिम्मेदार मोदी सरकार है। ऊना कांड भी कांग्रेस की राजनीतिक साजिश के एक उदाहरण है। कांग्रेस की देशद्रोही हरकतों,  बयानों की सूची बहुत लंबी है और उस पर किताब लिखी जा सकती है। कांग्रेस सत्ता पाने के लिए इतनी बेकरार है कि उसे कोई भी देशद्रोही हरकत करने में कोई गुरेज नहीं है। कांग्रेस की नीति शायद ही सफल होगी क्योंकि देश का युवा वर्ग जागृत अवस्था में है। आज देशप्रेम और देशभक्ति अपनी चरम सीमा पर है जो देश के लिए गौरव की बात है। मोदी सरकार ने युवाओं को धर्म और देश भक्ति के प्रति जागरुक किया है। अब युवा चुपचाप बैठने वाला नहीं है वह हर एक देश-द्रोही हरकतों का पुरजोर प्रतिकार करता है।

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