उत्तराखंड में दुश्वारियां बरकरार, मसूरी-देहरादून मार्ग बंद

देहरादूऩ, उत्तराखंड/नगर संवाददाताः उत्तराखंड में मौसम की दुश्वारियां कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। कल सुबह से शुरू हुई मूसलाधार बारिश ने पूरी रात तक कोटद्वार और हरिद्वार में लोगों की सांसें अटकाए रखीं। कोटद्वार में दोपहर अलर्ट घोषित करने के साथ ही स्कूलों की छुट्टी कर दी गई। इधर, बदरीनाथ हाईवे पर 36 घंटे बाद खुलने के बाद फिर से बंद हो गया। केदारनाथ मार्ग पर भी गत दोपहर से वाहनों की आवाजाही सुचारु है। हरिद्वार में गंगा चेतावनी रेखा के ऊपर बह रही है। वहीं भट्टा गांव के पास सड़क पर मलबा आने से मसूरी देहरादून मार्ग बंद हो गया। मौसम विभाग के निदेशक विक्रम सिंह ने राज्य में अगले 36 घंटे देहरादून, हरिद्वार, पौड़ी, नैनीताल, पिथौरागढ़ और ऊधमसिंहनगर में कई स्थानों पर भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। प्रशासनिक मशीनरी को स्थिति पर नजर बनाए रखने की सलाह भी दी गई है। गुजरे 36 घंटों के दरम्यान राज्य के गई इलाकों में भारी बारिश और बादल फटने के चलते दिक्कतें बढ़ी हैं। हालांकि शहरों में कुछ हद तक सुकून रहा, लेकिन पर्वतीय जिलों में मौसम के तेवर डराते दिखे। उधर, भट्टा गांव के निकट भूस्खलन के चलते मसूरी-देहरादून मार्ग गत रात से बंद हो गया। इस पर वाहन वाया झारिपानी से होकर देहरादून व मसूरी के लिए आ जा रहे हैं। पौड़ी जिले के कोटद्वार इलाके में तेज बारिश के बाद पूरा शहर पानी से लबालब हो गया। गली-मोहल्ले और बाजार जलमग्न होते देख प्रशासन ने पूरे इलाके में अलर्ट कर दिया। कुछ स्कूलों ने शुक्रवार का भी अवकाश घोषित कर दिया है। नदियों के किनारे झुग्गियों में रहने वालों को सुरक्षित स्थानों पर भेज दिया गया है। इस बीच, सीमा सड़क संगठन (बीआरओ) ने 36 घंटे की मशक्कत के बाद बदरीनाथ हाईवे यातायात के लिए खोल दिया था। पागलनाला में मलबा और बोल्डर आने से यह मार्ग अवरुद्ध था। सुबह लामबगड़ में यह हाईवे फिर से बंद हो गया। बीती रात पिनौला में अवरुद्ध गोविंदघाट मार्ग भी दोपहर बाद खुल गया। गंगोत्री और यमुनोत्री मार्ग पर यात्रा निर्बाध जारी रही। कुमाऊं मंडल के पिथौरागढ़ जिले में बारिश से भारी तबाही हुई है। यहां धारचूला के बंगापानी क्षेत्र में दो मोटर पुलों के बह जाने से क्षेत्र अलग-थलग पड़ गया है। एक दर्जन मकान ध्वस्त हो गए हैं। पीड़ित परिवारों को अन्यत्र शिफ्ट किया गया है। इस बीच, बोल्डर की चपेट में आने से पिथौरागढ़ के चेरथी में चरवाहे की मौत हो गई।

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