आम आदमी पार्टी गुजरात और हिमाचल प्रदेश में विधानसभा चुनाव नहीं लड़ेगी

मुंबई, महाराष्ट्र/राजू सोनीः कांग्रेस के लिए एक बड़ी खबर यह है कि आम आदमी पार्टी गुजरात और हिमाचल प्रदेश में विधानसभा चुनाव नहीं लड़ेगी। आप के इस फैसले के बाद दोनो राज्यों में कांग्रेस और बीजेपी आमने सामने की लड़ाई लड़ सकेंगे। ऐसे में बड़ा फायदा कांग्रेस को होगा, कांग्रेस को दो पार्टियों से नहीं जूझना पड़ेगा। कहा जा रहा है कि दोनो राज्यों में बीजेपी की पराजय को सुनिश्चित करने के लिए पार्टी ने ये कदम उठाया है। हालाँकि पार्टी सूत्रों ने इस फैसले के पीछे सबसे बड़ा कारण राज्य में संगठन की पर्याप्त मजबूती ना होना बताया है। गौरतलब है कि गुजरात जैसे राज्य में आम आदमी पार्टी द्वारा उम्मीदवार उतारे जाने से सेकुलर मतों का बंटवारा होना तय था जिसका नुक्सान कांग्रेस को हो सकता था। एक अंग्रेजी अखबार में छपी रिपोर्ट के मुताबिक पार्टी अब सिर्फ दिल्ली पर फोकस करना चाहती है। फिलहाल पार्टी राज्य के उन नेताओं को समझाने की कोशिश में लगी है जो चुनाव लड़ने के पक्ष में थे। गौरतलब है कि जून में राज्य प्रतिनिधत्व ने संगठन क्षमताओं की जमकर तारीफ की थी लेकिन पार्टी में निर्णय लेने वाली सर्वोच्य कमेटी पीएसी राज्य चुनाव लड़ने को लेकर दुविधा में है। माना जा रहा है कि जल्द ही पीएसी इस बाबत कोई घोषणा करेगी। गौरतलब है कि पार्टी ने 2012 में भी सभी राज्यों में चुनाव लड़ने का निर्णय किया था लेकिन बाद में आम आदमी पार्टी सिर्फ दिल्ली तक ही सीमित हो गई। आपको बता दें कि इस साल के अंत में होने वाले गुजरात विधानसभा चुनावों को ध्यान में रखते हुए सीएम अरविंद केजरीवाल ने गुजरात में काफी ताकत लगाई थी। उन्होंने जातीय समीकरण को देखते हुए गुजरात के तात्कालिक मुद्दों जैसे पाटीदार समुयाय और दलितों का को उठाया था।

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