गौ सेवा से होती है पुण्य की प्राप्ति – देवकी

गौ सेवा से होती है पुण्य की प्राप्ति – देवकी

मैसूर, कर्नाटका/जनक सिंह भाटीः चामुण्ड़ी पहाड के तलहटी स्थित मैसूर पिंजरापोल में राजस्थानी प्रवासी गौ भक्त प्रातः पांच बजे से आठ बजे तक निःस्वार्थ भाव से गौ सेवा का लाभ ले रहे है, तथा चार साल पहले गुरू चेतन गीरी महाराज ने चामुंडी पहाड़ पर अपने तपस्याकाल के दौरान प्रवासियों का गौमाता की महता बता कर गौ सेवा का सिलसिला शुरू करवाया जो आज तक निरंतर जारी है। बरसात तथा सर्दी में विशेष ध्यान रखा जाता है। बिमार गयों तथा बछड़ो का जो पुलिस द्वारा गौ कसाईयों से मुक्त करा कर पिजरा पोल को सुपूर्द कराते है। इनकी विशेष सेवा की जाती है। हरा चारा, पोष्टिक आहार तथा बछड़ो को दूधपान कराया जाता है। गौ सेवक प्रातः गौबर तथा चारे का कचरा हटा कर साफ सफाई करते है। प्रवासी अपने कारोबार के साथ गौ सेवा निस्वार्थ भाव से करते है। गत तीन वर्षो से राज्य में सुखे के हालात होने के कारण चारे की भयंकर समस्या है। पिजरा पोल सोसायटी के सदस्यों का भी तन मन धन से पूर्ण सहयोग मिलता है। गौ सेवक- प्रताप सिंह देवकी, लक्ष्मण सुथार, ओबराम बंशीलाल तथा अन्य गौभक्तगण निरंतर सेवारत।

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