जिला आपदा प्रबंधन समिति की बैठक में राहत कार्यो की समीक्षा की

जिला आपदा प्रबंधन समिति की बैठक में राहत कार्यो की समीक्षा की

पाली, राजस्थान/महेन्द्र कुमार : पाली जिला कलेक्टर सुधीर कुमार शर्मा ने मंगलवार को जिला आपदा प्रबंधन समिति की बैठक में हाल ही हुई अतिवृष्टि से उत्पन्न विकट स्थितियों में किए गए बचाव कार्यो, जल निकासी व पुनर्वास आदि राहत कार्यो की समीक्षा की। जिला कलेक्टर ने अधिकारियों की सराहना करते हुए विकट परिस्थितियों में चाक-चैबंद रहते हुए बचाव व राहत कार्यो के लिए निष्ठा के साथ कार्य किया। उन्होंने इन परिस्थितियों से उत्पन्न विभागवार समीक्षा की तथा राहत कार्यो एवं स्थितियों को सामान्य रूप से लाने के लिए किए गए कार्यो की जानकारियां प्राप्त की। पीडब्ल्यूडी से अतिवृष्टि के बाद सभी शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों में आवागमन की सामान्य व्यवस्था बहाल करने के संदर्भ में भी विस्तार से जानकारी ली। अधीक्षण अभियंता डी.आर. मेघवाल ने बताया कि 106 स्थानों पर ट्रेफिक रूकाव हुआ या इसमें 13 के अलावा सभी चालू हो गए है। शेष 13को भी जल निकासी की स्थिति में पुनः चालू हो जाएगी। जिला कलेक्टर ने बताया कि जिले में सड़कों के निर्माण व सुधार कार्य के लिए 10 करोड़ 99 लाख राज्य सरकार ने स्वीकृत किए है। इसकी तकनीकी रिपोर्ट शीघ्र प्रस्तुत की जाए। उन्होंने जिले में 10 ऐसी रपटें जिन्हें पुलिया में बदला जा सकता है उसकी सूचि प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। इस संबंध में उन्होंने संबंधित एसडीएम को भी रिपोर्ट पेश करने की हिदायत दी। उन्होंने डिस्काॅम से सुचारू विद्युत व्यवस्था संबंधी समीक्षा की। एस.ई. घनश्याम चैहान ने बताया कि 58 जीएसएस बाधित हुए थे वहां अब जल निकासी हो गई। इसके अलावा वाटर लोगिंग की समस्या भी आती है इसे ठीक कराने के सुझाव भी पेश किए गए। पीएचईडी के नीरज माथुर ने बताया कि 2 गांवों में अभी सप्लाई बंद है जो शीघ्र चालू हो जाएगी। उन्होंने सीएमएचओ डाॅ सुरेन्द्र शेखावत से मौसमी बीमारियों की स्थिति पर समीक्षा की। उन्होंने बताया कि डेंगू, मलेरिया के केसेज में वृद्धि हो रही है। जिला कलेक्टर ने इससे बचाव के सभी ऐहतियातन उपाय बरतने की हिदायत दी। नगर परिषद सहित सभी नगर पालिकाओं द्वारा छिडकाव व अन्य बचाव के उपायों पर समीक्षा की। आयुक्त ने बताया कि 3 फोगिंग मशीन शहर में काम कर रही है और नई मशीने मंगवाई गई है। जो शीघ्र ही प्राप्त हो जाएंगी। शिक्षा विभाग द्वारा स्कूलों में होने वाली प्रेयर सभाओं में गंदे पानी से बचाव व ऐहतियात बरतने की जानकारियां बच्चों को दी जाएंगी। जिला कलेक्टर ने कृषि विभाग की समीक्षा की तथा अतिवृष्टि से फसलों संबंधी स्थिति के लिए किए जाने वाले उपायों पर विस्तृत निर्देश दिए। उन्होंने सीसीबी द्वारा दिए जाने वाले मुआवजे संबंधी भी समीक्षा की। उपखण्ड वार एसडीएम से भी समीक्षा कर क्षतिग्रस्त मकानों व अन्य खराबें की जानकारियां प्रस्तुत करने की हिदायत दी। पुलिस अधीक्षक दीपक भार्गव ने ओवरफ्लो व अन्य तेजी से बहाव की स्थितियों पर ध्यान रखना हैं। उन्होंने जहां भी जाब्ता की जरूरत है वहां प्रस्ताव भेजें। इसके अलावा जहां बहाव हैं वहां लोगों को समझ्ााईश करके रोके। पुलिस द्वारा भी बैरिकेटिंग लगाकर ऐसे स्थानों पर रोक लगाएं गए। उन्होंने रामदेवरा यात्रियों की हाईवे से निकलने वालों की सुरक्षा के लिए भी सभी अधिकारियों को समन्वित रूप से सिखाने व ओवरलोड रोकने के प्रयास किए जाएं। यात्रियों को बैल्ट व रेडियम, पशुओ के सींग पर स्टीकर लगाने की व्यवस्था की जानी चाहिए। अपने क्षेत्रों में लगने वाले भंडारों को हाईवे किनारे से दूर लगाने की व्यवस्था सुनिश्चित होनी चाहिए।

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