अतिवृष्टि प्रभावित जल संग्रहण संसाधनों को प्राथमिकता से दुरूस्त करे – सुरेन्द्र गोयल

पाली, राजस्थान/महेन्द्र कुमारः जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी मंत्री सुरेन्द्र गोयल ने संबंधित अभियंताओं को निर्देश दिए है कि अतिवृष्टि से क्षतिग्रस्त एवं व्यवधान वाले बांध, जल वितरण संसाधन एवं अन्य जल संग्रहण क्षेत्रों को प्राथमिकता एवं त्वरित रूप से दुरूस्त करने की कार्यवाही करे। गोयल रविवार को कलेक्ट्रेट सभागार में जनप्रतिनिधियों, जिला कलेक्टर सुधीर कुमार शर्मा के साथ विभागीय अभियंताओं एवं अधिकारियों से चर्चा कर रहे थे। विधायक ज्ञानचंद पारख, विधायक केशाराम चैधरी, विधायक संजना आगरी, नगर परिषद अध्यक्ष महेन्द्र बोहरा, जिला प्रमुख पेमाराम सीरवी, पाली प्रधान श्रवण बंजारा सहित अन्य जनप्रतिनिधियों ने समस्याएं रखी और सुझाव दिए। जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी ने कहा कि जिले में हुई अतिवृष्टि से गंभीर परिस्थितयों का सामना करना पड़ा मगर यह संतोष की बात है कि यहां के जनप्रतिनिधियों, जिला प्रशासन और विभागीय अधिकारियों के आपसी समन्वय, तत्परता और सजगता से हम मुश्किल घड़ी से बाहर निकले। अब जहां भी अभी तक पूरी तरह जल निकासी नहीं हुई है वहां होते ही दुरूस्त एवं नए काम तुरंत करवाए जांए। विशेष रूप से जवाई नहर सहित अन्य बांधों की स्थिति भी ध्यान रखें तथा कार्यवाही करे। उन्होंने कहा कि आम आदमी की शहर और जरूरत है पानी तथा इसे भविष्य के दृष्टिगत उपयोग के लिए सोच रखकर काम लेना होगा। जनप्रतिनिधि भी विशेष ध्यान रखें और पानी व्यर्थ हरगिज नहीं होने के प्रति सजग रहें। उन्होंने विशेष रूप से आर.ओ.प्लांट के महत्व को ग्रामीण के दिलो-दिमाग में स्थाईत्व देने पर बल देते हुए कहा कि सोलर पंप भी अत्यधिक उपयोगी है तथा इसकी उपयोगिता को बढाएं। उन्होंने कहा कि अब तक जहां भी सोलर पंप लगे हैं वहां उनके शानदार परिणाम दिखाई दे रहे है। उन्होंने कहा कि जल वितरण तथा विभिन्न परियोजनाओं के संचालन की निरंतर मोनिटरिंग करें। संचालित क्षेत्रों में टाईअप कर त्वरित कार्यवाही को गति दी जाए। उन्होंने बताया कि जैतारण व मारवाड़ जंक्शन में भी परियोजनाओं का संचालन किया जा रहा है। विशेष रूप से जैतारण के 125 गांवों को पानी मिलेगा। मुख्यमंत्री जल स्वावलम्बन परियोजना की प्रभावोत्पादकता पर चर्चा करते हुए कहा कि द्वितीय चरण के भी सभी स्ट्रक्चर बन गए हैं तथा जहां भी अतिवृष्टि से किसी प्रकार की क्षति हुई तो तुरंत दुरूस्त करवाई जाए। उन्होंने टेलहैड तक पानी पहुंचाने पर बल देते हुए कहा कि राईजिंग लाईन से अवैध कनेक्शन लेने वालों के विरूद्ध कड़ी कार्यवाही की जाएगी तथा जहां बूस्टर आदि की शिकायतें हों वहां विभाग एक्शन ले। जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी मंत्री ने स्वीकृत परियोजनाओं के टेण्डर प्रारूप को चैक करने के निर्देश दिए तथा किसी प्रकार की शिकायत पाए जाने पर कड़ी कार्यवाही की जाए।

जनप्रतिनिधियों ने दिए सुझाव – विधायक ज्ञानचंद पारख ने जंवाई नहर के चारों और तारबंदी से ढ़कने, विभिन्न गांवों में जल संसाधनों की दुरूस्त करवाने और अन्य समस्याओं के निस्तारण पर सुझाव दिए। विधायक केशाराम चैधरी ने अतिवृष्टि क्षतिग्रस्त पाईपों को दुरूस्त कराने, क्षतिग्रस्त ट्रयुबवेल ठीक करवाने, आॅपन वैल निर्माण आदि सुझाव पेश किए। विधायक संजना आगरी ने जीएलआर, आॅपन वेल बनाने तथा सोलर पंप लगाने संबंधी सुझाव दिए। श्रवण बंजारा ने नए जीएलआर बनाने व विभिन्न पंचायत समितियों के लिए सुझाव दिए।
पीएचईडी के मुख्य अभियंता आर.के.विश्नोई, अतिरिक्त मुख्य अभियंता जयसिंह चैधरी, एसई पाली नीरज माथुर सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।;

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