अतिवृष्टि से विद्युत आपूर्ति के सुचारू प्रबंधन की समीक्षा व आवश्यक निर्देश

पाली, राजस्थान/ महेन्द्र कुमारः ऊर्जा राज्य मंत्री पुष्पेन्द्रसिंह राणावत ने मंगलवार को पाली कलेक्ट्रेट सभागार में अतिवृष्टि से उत्पन्न स्थितियों के मध्यनेजर विद्युत आपूर्ति के सुचारू प्रबंधन के लिए समीक्षा की तथा आवश्यक निर्देश दिए। ऊर्जा राज्य मंत्री राणावत के साथ चेयरमेन श्रीमत् पांडेय एवं जोधपुर डिस्कॉम की प्रबंध निदेशक आरती डोगरा के साथ विभिन्न जनप्रतिनिधियों के क्षेत्रवार स्थितियों पर चर्चा करते हुए संबंधित अभियंताओं को आवश्यक निर्देश दिए। बैठक में जोधपुर डिस्कॉम के मुख्य अभियंता एवं अतिरिक्त मुख्य अभियंता भी उपस्थित थे। ऊर्जा राज्य मंत्री ने सुमेरपुर विधायक एवं उपमुख्य सचेतक मदन राठौड़ के सुझावों के आधार पर समीक्षा करते हुए हिदायत दी कि पोल्स स्थापित करते हुए निर्धारित मापदंडों को आवश्यक रूप से मेन्टेन करें तथा गहराई के अनुकूल इसका विशेष ध्यान रखा जाए। इससे वर्षा की स्थिति में पोल्स की मजबूती बनी रहेगी। उन्होंने बताया कि सभी जीएसएस में फीडर मेन्टेनेंश के लिए पूरे डिस्कॉम स्तर पर ही निविदाएं जारी कर दी गई है। उन्होंने बताया कि अब फीडरवार लाईनमेन लगाएंगे जो कि रखरखाव, बिल वितरण व अन्य संबंधित कार्य भी करेगा। इसके अलावा जीएसएस रखरखाव के लिए 455 ठेकेदारों को अनुबंधित किया जा रहा है। जिसमें से 150 पाली जिले को दिए जाएंगे। ऊर्जा राज्य मंत्री ने बताया कि काश्तकार अगर स्वयं का पोल खड़ा करेंगे तो पर स्पॉन 750 रुपए के हिसाब से भुगतान की व्यवस्था की गई है। उन्होंने बताया कि पीपीपी मोड पर जीएसएस दिए गए है जो शीघ्र चालू हो जाएगे। उन्होंने बताया कि अगर वर्षा के दौरान करंट से पशुओं की मृत्यु हो जाती है तो उसे नियमानुसार भुगतान की भी व्यवस्था है। इसके लिए पोस्टमार्टम की कॉपी प्रस्तुत करनी होगी। उप मुख्य सचेतक मदन राठौड़ ने सुझाव दिए कि अतिवृष्टि के दौरान या बहाव की स्थिति में विद्युत पोल्स टेडे-मेढेया उखड़ जाते है तो पूर्व में ही सुदृढ करने व्यवस्था सुनिश्चित रहनी चाहिए। ट्रांसफार्मर बदलने की भी समयबद्ध रूप से व्यवस्था हो। इसी तरह लूज वायर, झाड़ से तार प्रभावित आदि समस्याएं भी समाधान हों। मारवाड़ जंक्शन विधायक केशाराम चौधरी ने कृषकों के लिए विद्युत सुचारू प्रबंधन संबंधित क्षेत्रों के एईएन जेईएन के लिए वाहनों की उपलब्धता के प्रबंधन, विद्युत कनेक्शन के लिए वर्षवार प्राथमिकताएं एवं अन्य सुझाव प्रस्तुत किए। इसके अलावा पशुपालक कल्याण बोर्ड के अध्यक्ष गौरधनराम राईका, यूआईटी चेयरमेन संजय ओझा, जिला प्रमुख पेमाराम सिरवी, पाली प्रधान श्रवण बंजारा सहित रानी प्रधान एवं अन्य जनप्रतिनिधियों ने भी आवश्यक सुझाव दिए। चेयरमे श्रीमत् पांडेय व प्रबंध निदेशक आरती डोगरा ने सभी समस्याओं व सुझावों पर संबंधित अभियंताओं को मौके पर ही आवश्यक निर्देश दिए। #पालीजिला कलेक्टर सुधीर कुमार शर्मा ने बताया कि अतिवृष्टि से जिले में त्वरित रूप से विद्युत आपूर्ति के सुचारू प्रबंधन कर दिए गए तथा इस संबंध में अगर कोई समस्या भी है तो पानी निकासी के बाद तुरंत दूर होगी। जिला प्रशासन द्वारा भी निरंतर मोनिटरिंग की जा रही है। जोधपुर डिस्कॉम पाली के अधीक्षण अभियंता घनश्याम चौहान ने बताया कि जिले के सभी उपखंडां के 33/11 केवी जीएसएस परिसर में पानी भर जाने व विद्युत लाईनो के क्षतिग्रस्त होने के कारण संबंधित क्षेत्रों से प्रभावित 197 गांवों की विद्युत आपूर्ति बाधित हो गई थी। इसे पानी निकासी होते ही पूर्ववत् एवं कुछ स्थानों पर वैकल्पिक व्यवस्था का विद्युत आपूर्ति सुचारू करदी गई है। उन्होंने बातया कि वर्तमान में वृत्त के सभी 33/11 केवी जीएसएस की विद्युत आपूर्ति चालू करदी गई है। केवल 02/11 केवी फीडर की विद्युत आपूर्ति बाधित है जिसे शीघ्र ही बहाल कर दिया जाएगा। कृषि क्षेत्र का 01 फीडर का आंशिक भाग बंद है जो पानी की निकासी के बाद बहाल कर दिया जाएगा। जिले में अतिवृष्टि के दौरान 272 विद्युत पोल, 2 पॉवर ट्रांसफॉर्मर, 107 वितरण ट्रांसफॉर्मर, 15 वीसीबी एवं 15 किमी विद्युत लाईन व 10 किमी केवल कंडक्टर का भुगतान हुआ है। इसकी अनुमानित लागत 125 लाख है। जिले में पुनः विद्युत आपूर्ति सुचारू बनाने के लिए 81 अभियंता एवं 830 तकनीकी कर्मचारियों के साथ ठेकेदारों की भी 10 टीमें लगी हुई है।

Share This Post

Post Comment