पहाड़ में अब गमबूट पहनकर धान की रोपाई करेंगी महिलाएं

पहाड़ में अब गमबूट पहनकर धान की रोपाई करेंगी महिलाएं

टिहरी गढ़वाल, उत्तराखंड/नगर संवाददाताः पहाड़ में नंगे पैर धान की रोपाई करने वाली महिलाएं अब गमबूट पहनकर रोपाई करेंगी। पहली बार टिहरी जिला प्रशासन यह पहल करने जा रहा है। इसके तहत बुधवार को जौनपुर ब्लॉक के मंजगांव में अंतरराष्ट्रीय कृषि विकास निधि के तहत आयोजित होने वाली बैठक में महिलाओं को गमबूट प्रदान किए जाएंगे। बाद में जिले के अन्य क्षेत्रों में भी इस तरह की पहल होगी। पहाड़ में धान की रोपाई के लिए महिलाओं को दिनभर पानी में रहकर काम करना पड़ता है। इस दौरान खेतों में घुटनों तक पानी भरा रहता है और महिलाएं नंगे पैर ही धान की रोपाई करती हैं। मानूसन शुरू होते ही गढ़वाल में धान की रोपाई शुरू हो जाती है। इन दिनों भी ग्रामीण महिलाएं धान की रोपाई में जुटी हैं। कई-कई दिनों तक लगातार पानी में रहने के कारण उनके पैरों में एलर्जी समेत अन्य तरह के रोग हो जाते हैं। यही नहीं, जोंक और अन्य तरह के कीट भी पैरों में लग जाते हैं। लेकिन, संसाधन न होने के कारण महिलाएं इसका विधिवत उपचार नहीं कर पातीं और तमाम तरह की बीमारियों का खतरा बना रहता है। बावजूद इसके रोपाई करना भी नहीं छोड़ा जा सकता। टिहरी की जिलाधिकारी सोनिका ने बताया कि कुछ दिन पहले मैंने एक महिला को खेतों में नंगे पैर रोपाई करते देखा। उसने मुझे अपनी परेशानी भी बताई। इसी को ध्यान में रखते हुए जौनपुर ब्लाक के मंजगांव में महिलाओं को गमबूट दिए जा रहे हैं। कृषि विभाग को इसके लिए निर्देशित कर दिया गया है। धीरे-धीरे जिले के अन्य क्षेत्रों में इस पहल को आगे बढ़ाया जाएगा।

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