विश्व की सबसे बढ़ी गौशाला पथमेड़ा में जल संग्राम

मदुरई, तमिलनाडु/मांगीलालः राजस्थान जालोर जिले में लगातार बारिश का कहर अब विकराल रूप ले रहा है। सोमवार सुबह पांचला बाँध टूट जाने के बाद विश्व की सबसे बड़ी गोशाला में गायों के जीवन पर खतरा बन चूका है। वही गोशाला में पानी घुस जाने से गोवंश के बाडों में चारों तरफ जल प्रलय के दृश्य नजर आ रहे हैं। गोधाम पथमेडा के संरक्षक संत परम गोविन्द बल्लभदास महाराज एवं नंददास महाराज के नेतृत्व में सैंकडों गोसेवक एवं ग्वाले गायो की जिंदगी बचाने में जुटे हुए है। लेकिन वर्षा और बाढ के हालात ऐसे बनते जा रहे हैं कि गोवंश के लिए लगभग कोई भी क्षेत्र व बाडा सुरक्षित नहीं रहा हैं। जहाँ लगभग 14 हजार कमजोर, वृद्ध व बीमार आदि नर गोवंश है और वो पूरा गोवंश पानी से घिरता जा रहा हैं। वही संतो ने सरकार से तत्काल दवाओं, घास-चारा, पौष्टिक आहार, पशु चिकत्सकों की टीमों, पानी निकासी एवं पानी से बचाव उपकरणों आदि उपायों की बडे स्तर पर सहयोग की आवश्यकता जताई है। विश्व की सबसे बडे गोसेवा-गोरक्षा केंद्र श्री पथमेडा गोधाम महातीर्थ में बाढ के हालात बने हुए है। जो पाँचला बाँध टूटने से हजारों गोवंश के प्राण संकट में गये है। वही दूसरी और मुसलधार वर्षा भी लगातार जारी है। जहाँ ग्वाले व साधु संत गोवंश को सुरक्षित बचाने में लगे हुए है लेकिन पानी की मात्रा अधिक होने से लगातार गायों को बाहर निकालने में समस्या पैदा हो रही है। गोशाला में हजारो गाये पानी में बाध का पानी गोशाला में लागतार जा रहा है। ऐसे में हजारों गाये जो बीमार व बुजुर्ग है उनका ईलाज किया जाता है। जहां वो अब पानी का मार भी ज्यादा नही झेल पा रही वही जल्द ही गाये बाहर नही निकाली जाती है तो उनके जीवन के संकट गहराया हुआ है वही पथमेडा व गोलासन गोशालाओं के मार्ग भी अवरूद्ध होने से घास चारा, दवाएं व पौष्टिक आहार आपूर्ति ठप्प भी हो चुकी है। एवं स्टॉक चारा भी पानी से बह चूका है। वर्षा व बाढ के इस बार के हालात 2015 से भी कहीं भयावह है।

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