जवाई बांध का गेज पहुंचा 58 के करीब, अब गेट खोलने की तैयारी

दक्षिण कन्नड़, कर्नाटका/प्रकाशः पश्चिमी राजस्थान के सबसे बड़े बांध जवाई में पानी की आवक लगातार बढ़ रही है। फिलहाल, बांध का गेज 57.85 फीट हो चुका है। इसके साथ ही अब तक बांध में 6477 एफसीएफटी पानी पहुंचा है। जबकि बांध की कुल भराव क्षमता 7327 एफसीएफटी है। वहीं बांध का कुल गेज गेज 61.25 फीट है। बहरहाल, सलाहकार समिति, जल संसाधन विभाग, प्रशासन एवं जनप्रतिनिधि बांध के गेट खोलने पर विचार मंथन कर रहे हैं। संभावना जताई जा रही है कि बुधवार शाम या फिर गुरुवार सुबह तक बांध के गेट खोले जा सकते हैं। जल संसाधन विभाग के सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार सेई बांध के ओवरफ्लो के कारण जवाई बांध में लगातार पानी की आवक जारी है। वहीं जवाई बांध के आसपास के क्षेत्र में अच्छी बारिश के चलते वर्तमान में बांध में 6000 क्यूसेक पानी की आवक जारी है। इस पानी की आवक इतनी अच्छी है कि इससे करीब 10 जवाई कैनाल में पानी की आपूर्ति की जा सकती है। वर्तमान में जवाई बांध में सेई बांध के ओवरफ्लो व आसपास के इलाकों में बारिश से 6000 क्यूसेक पानी की आवक हो रही है। अगर पानी की आवक इसी स्तर से जारी रहती है तो बांध में एक फीट पानी बढऩे में पांच घंटे का समय लगता है। यानी अगले दस घंटे में बांध का गेज करीब 60 फीट पहुंच जाएगा। इसके अलावा अचानक अच्छी बारिश होती है तो यह गेज कम समय में ही पूर्ण हो सकता है। विभागीय सूत्रों के अनुसार आम तौर पर जवाई बांध में पानी की आवक जारी रहने की स्थिति में 58 फीट पर जवाई के फाटक खोले जाते हैं। जबकि वर्तमान में गेज इस आंकड़े के करीब पहुंच चुका है। माना जा रहा है कि अगर इसी तरह पानी की आवक जारी रही और 58 फीट पर गेट खोले जाते हैं तो करीब 3000 क्यूसेक पानी छोड़ा जाएगा। जबकि 60 फीट के गेज पर पानी छोड़ते हैं तो इस पानी की मात्रा करीब 5000 क्यूसेक होगी। फिलहाल, बांध के गेट खोलने को लेकर फिलहाल पाली व जालोर जिला प्रशासन लगातार सम्पर्क में है। चूंकि जालोर के कई इलाकों में बाढ़ के हालात है। ऐसे में प्रशासन की ओर से गेट खोलने से पहले लोगों को अलर्ट किया जाएगा। क्योंकि पहले से ही जवाई नदी में पानी का बहाव जारी है। हालांकि वर्तमान में आहोर-जालोर मार्ग सुचारू हो चुका है, लेकिन नदी में पानी का बहाव ज्यादा होने पर इस पर भी प्रशासन का ध्यान रहेगा। इधर, गेट खोलने से पहले मुख्य बांध की व्यवस्थाओं, गेट खोलने की स्थिति, उपलब्ध जल राशि, जलग्रहण क्षेत्र से हो रही जल आवक, बांध पर स्थापित व्यवस्थाओं आदि के बारे मंथन किया जा रहा है। वहीं पानी छोडऩे की स्थिति में प्रभावित इलाकों, छोड़े जाने वाले पानी की मात्रा और उससे होने वाले प्रभाव, जालोर तक पानी पहुंचने की समयावधि, सुरक्षा प्रबंध पर भी विचार मंथन किया जा रहा है। बांध में पानी की आवक लगातार जारी है। ऐसे में 58 फीट का गेज होते ही गेट खोलने के लिए प्रयासरत है। इस सम्बंध में मेरी सिंचाई मंत्री डॉ. रामप्रताप एवं सचिव शिखर अग्रवाल से वार्ता हुई है। इस सम्बंध में शाम तक बैठक कर निर्णय ले लिया जाएगा।

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