आधे हिंदुस्तान में बाढ़ का कहर, गुजरात में 75 मरे, मोदी ने किया हवाई सर्वेक्ष्‍ाण

नई दिल्ली/नगर संवाददाताः उत्तर भारत के कई राज्य बाढ़ से जूझ रहे हैं। सबसे ज्यादा गुजरात, राजस्थान में हालात खराब हैं। कल पीएम मोदी ने गुजरात में बाढ़ प्रभावित जिलों में हवाई दौरा किया। बाढ़ के पानी में फंसे लोगों को निकालने का काम जारी है। राजस्थान में जयपुर से करीब 450 किलोमीटर दूर सिरोही में इस बार भारी बारिश हो रही है। नदियां उफान पर है। यहां एक नदी को पार करते हुए युवक फंस गया। जिसके बाद तट पर खड़े लोग रस्सी के सहारे धीरे-धीरे युवक को खींचते हैं। जिसे वक्त रहते निकाल लिया गया। अहमदाबाद से करीब 200 किलोमीटर दूर बनासकांठा जिले में इस बार बाढ़ का भयंकर रूप देखने को मिला है। यहां बाढ़ में फंसे लोगों को वायुसेना के बचाव दस्ते सुरक्षित जगहों पर ले गए। बचाव दल ने हैलिकॉप्टर की मदद से लोगों को बाढ़ से बाहर निकाला। वहीं, जिले के दूसरे इलाके में वायुसेना के बचाव दस्ते ने एक परिवार को बचाने के लिए रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया। छत पर फंसे लोगों तक रस्सी पहुंचाई गई और एक-एक कर सबको एयरलिफ्ट किया। घर की छत पर फंसे सभी लोगों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचा दिया गया। बाढ़ में फंसे लोगों के लिए वायुसेना के जवान देवदूत साबित हो रहे हैं। अभी तक वायु सेना के तीन हेलिकॉप्टर और थल सेना के जवानों ने बोट के जरिये 300 लोगों की जिंदगी बचाई है।गुजरात के अहमदाबाद के पास पाटन भी बाढ़ से जूझ रहा है। यहां भी वायुसेना के बचाव दस्ते ने रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू कर करीब 11 लोगों को बचाया है। गुजरात में बाढ़ और बारिश से अब तक 75 लोगों की मौत हो चुकी है। वहीं,  25 हजार लोगों को सुरक्षित जगह पहुंचाया गया है। राजस्थान के जालौर, पाली और सिरोही में सबसे ज्यादा बारिश हुई है। राजस्थान के जालौर के विश्वविख्यात पथमेड़ा गौशाला में बारिश ने इतनी ताबाही मचाई है कि दो लाख गायों के जीवन पर खतरा मंडरा रहा है। कल गाय चारे की तलाश में बरसाती नदी के पानी में बह गई हैं। राजस्थान के जालौर में पथमेड़ा गौशाला में दो लाख से ज्यादा गाय हैं, जिनके बसेरे में बाढ़ का 10 फीट तक पानी भरा हुआ है और गौरसेवक बचाव की अपील कर रहे हैं। भारी बारिश की वजह से राजस्थान के माउंट आबू की सूरत भी बिगड़ गई है। यहां पिछले दो दिनों में रिकॉर्ड तोड़ बारिश हुई है। इतनी बारिश पिछले चालीस साल में यहीं नहीं हुई। माउंट आबू घूमने आने वाले लोग यहां की नक्की झील का लुत्फ उठाते हैं, लेकिन यहां पर भी बारिश ने मजा किरकिरा कर दिया है। माउंट आबू से 12 किलोमीटर पहले मुख्य सड़क का एक हिस्सा बारिश से धंस गया। बारिश की वजह से सड़क में बड़ी-बड़ी दरार पड़ गईं। ये सड़क और टूटी तो माउंट आबू का संपर्क निचले इलाकों से टूट जाएगा।

 

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