अब आवारा कुत्तों ने काटा तो सरकार को देना होगा मुआवजा

चंड़ीगढ़/नगर संवाददाताः रोजाना आवारा कुत्तों द्वारा आम लोगों को काटने के बढ़ते मामलों को देखते हुए हाईकोर्ट ने विस्तृत नीति बनाने के आदेश दिए हैं। पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने ये निर्दश पंजाब, हरियाणा और यूटी प्रशासन को दिए। कोर्ट ने कुत्तों के काटे जाने के इलाज से लेकर मुआवजा और इनकी रोकथाम के सभी उपायों करने निर्देश दिए। हाईकोर्ट के जस्टिस आरके जैन ने यह आदेश एक याचिका पर सुनवाई करते हुए जारी किए हैं। बता दें कि पंजाब के पटियाला जिले के समाना में एक पांचवीं कक्षा के 12 वर्षीय अंकित की कुत्ते के काटने के कारण मौत हो गई थी। बच्चे के पिता राम कुमार ने एडवोकेट हरी चंद अरोड़ा के जरिये हाई कोर्ट में याचिका दायर कर दस लाख रुपये मुआवजे देने की मांग की हैं।याची के वकील हरी चंद अरोड़ा ने हाईकोर्ट को बताया कि स्थानीय प्रशासन की नाकामी के कारण आवारा कुत्तों पर रोक नहीं लगाई जा रही और न ही उनके काटने पर उचित इलाज उपलब्ध करवाया जा रहा है। इलाज के अभाव में ही अंकित की मौत हो गई थी। इसके लिए सीधे तौर पर पंजाब सरकार जिम्मेदार है, ऐसे में सरकार को मुआवजा देना चाहिए। हाईकोर्ट ने कहा कि यह मामला बेहद गंभीर है और यह मामला सिर्फ पंजाब तक सीमित नही है। ऐसे ही मामले चंडीगढ़ और हरियाणा से भी सुनने को मिल रहे हैं। हाईकोर्ट ने पिछली सुनवाई पर इस मामले में चंडीगढ़ नगर निगम को भी नोटिस जारी कर पुछा था कि इस मामले में बनाई गई नीति और प्रभावित लोगो को क्या मुआवजा दिया जा रहा है, उसकी जानकारी कोर्ट को दी जाए। अब हाई कोर्ट ने पंजाब, हरियाणा और यूटी चंडीगढ़ को इस मामले में विस्तृत नीति बनाने के आदेश देते हुए याचिका पर सुनवाई 18 अगस्त तक स्थगित कर दी है। बता दें कि ऐसा ही एक मामला रविवार को जींद में सफीदों के गांव टीटोखेड़ी में सामने आया था। इसमें आवारा कुत्तों ने दूध लेकर आ रहे आठ साल के बच्चे को नोंच-नोंचकर मार डाला था।

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