दिल्ली सरकार का तोहफा, मिलती रहेगी बिजली सब्सिडी

नई दिल्ली/नगर संवाददाताः दिल्ली सरकार ने घरेलू बिजली पर दी जा रही सब्सिडी को जारी रखने की सीमा में एक साल का इजाफा किया है। मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की अध्यक्षता में आज हुई मंत्रिमंडल की बैठक में इस प्रस्ताव को मंजूरी दे दी गयी। इसके तहत घरेलू उपभोक्ताओं को प्रतिमाह 400 यूनिट तक बिजली की खपत पर दी जा रही सब्सिडी को चालू वित्तीय वर्ष 2017-18 की पूरी अवधि के लिये बढ़ा दिया गया है। मंत्रिमंडल ने ऊर्जा विभाग के इस प्रस्ताव पर खर्च होने वाले 1720 करोड़ रुपये को चालू वित्त वर्ष में सब्सिडी पर खर्च करने की अनुमित दे दी है। इसके तहत घरेलू उपभोक्ताओं को शून्य से 200 यूनिट बिजली की खपत पर 2 रुपये प्रति यूनिट की दर से बिल देना होगा। जबकि 201 से 400 यूनिट तक की खपत पर 2.975 रुपये प्रति यूनिट की दर से भुगतान करना होगा। सरकार ने कहा कि ”सब्सिडी की राशि बिजली कंपनियों के खाते में भेज दी जायेगी इसे बिजली कंपनियां उपभोक्ताओं के बिल से मैनेज कर लेंगी। साथ ही बिजली कंपनियों को सूचित कर दिया गया है कि उपभोक्ताओं को सब्सिडी का वास्तविक लाभ मिल रहा है या नहीं इसकी जानकारी के लिए सरकार बिजली कंपनियों का किसी स्वतंत्र एजेंसी से विशेष ऑडिट करा सकती है।” इसके अलावा मंत्रिमंडल ने शिक्षा विभाग में कॉन्ट्रैक्ट पर नियुक्त विस्थापित कश्मीरियों को नियमित करने के प्रस्ताव को भी मंजूरी दे दी है। उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने मंत्रिमंडल की बैठक के बाद बताया कि सरकार ने 1994 से शिक्षा विभाग में कॉन्टैक्ट शिक्षक के पद पर कार्यरत विस्थापित कश्मीरियों को भर्ती नियमों में ढील देते हुये नियमित करने का फैसला किया है। सिसोदिया ने बताया कि ”इसके तहत 1994 से कॉन्टैक्ट पर कार्यरत कश्मीरी विस्थापित शिक्षकों को नियमित करने की प्रक्रिया में उम्र में छूट देने के अलावा केन्द्रीय शिक्षक पात्रता परीक्षा (सीटीईटी) में पास करने के मानकों में ढील दी जाएगी। इन्हें नियमित किए जाने की तारीख से ही नियमित कर्मचारी माना जायेगा।” उन्होंने बताया कि ”कश्मीरी विस्थापितों को विशेष परिस्थितियों में शिक्षा विभाग कॉन्टैक्ट शिक्षक के तौर पर दो दशक पहले भर्ती किया गया था। इसलिये विशेष परिस्थितियों के मद्देनजर पृथक नीति के तहत कॉन्टैक्ट पर तैनात कश्मीरी विस्थापित शिक्षकों को नियमित करने का फैसला किया गया है।” इस श्रेणी में पीजीटी, टीजीटी, पुस्तकालय प्रभारी और संगीत शिक्षक के पद पर 170 कश्मीरी विस्थापित नियुक्त हैं। इन्हें नियमित करने के बाद विभाग पर सालाना 13 करोड़ रुपये का अतिरिक्त बोझ बढ़ेगा। इसके अलावा मंत्रिमंडल ने दिल्ली सरकार के पित्त और यकृत चिकित्सा संस्थान (आईएलबीएस) में मरीजों की लगातार बढ़ती संख्या को देखते हुये बिस्तरों की संख्या में इजाफा करने का भी फैसला किया है। इस अहम फैसले के तहत आईएलबीएस की दूसरी यूनिट शुरू कर बिस्तरों की मौजूदा संख्या को 155 से बढ़ाकर 549 किया जायेगा। इसके लिये मंत्रिमंडल ने परियोजना की अनुमानित लागत को 389 करोड़ रुपये से बढ़ाकर 497.72 करोड़ रुपये कर दिया गया है। आईएलबीएस की दूसरी यूनिट में बिस्तरों की संख्या में इजाफे के अलावा सुपर स्पेशियलिटी श्रेणी की चिकित्सा सेवाओं के अलावा शिक्षण प्रशिक्षण एवं शोध कार्य भी होगा।

 

Share This Post

Post Comment