कुत्तों ने तेंदुए से बचाई दंपती की जान

मेरठ, उत्तर प्रदेश/नगर संवाददाताः दौराला थाना क्षेत्र के गांव मछरी के जंगल में बुधवार को एक तेंदुआ किसान दंपती पर हमला करने वाला था, लेकिन कुत्ते भौंकने लगे। इस पर तेंदुए ने उन पर हमला कर दिया। किसी तरह दंपती वहां से गांव में पहुंचा और इसकी जानकारी दी। जब बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर पहुंचे तब वहां पटरागोय मरे पड़े थे। हालांकि इसके बाद से दोनों कुत्ते नहीं दिखे। पुलिस व वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची, मगर तेंदुआ उन्हें नहीं मिला। दौराला थाना क्षेत्र के आखिरी छोर पर मछरी गांव है। इसके बाद सरधना थाना क्षेत्र की सीमा शुरू होती है। मछरी निवासी नागेज पत्नी नीलम के साथ अपने खेत में गन्ने की फसल देखने आया था। नागेज ने खेत में गन्ने को हिलते देखा तो पत्नी के साथ उधर ही बढ़ने लगा। इस दौरान उनके साथ गांव के दो कुत्ते भी थे। नागेज ने बताया कि जैसे ही वे मौके पर पहुंचे तो देखा कि तेंदुआ पटरागोय को मारकर बैठा था। सामने देखकर तेंदुए ने दंपती पर हमले की कोशिश की, लेकिन इस बीच दोनों कुत्ते उस पर झपट पड़े। तेंदुए ने दोनों कुत्तों पर हमला कर दिया। इस बीच दंपती भाग कर गांव पहुंच गया और लोगों को इसकी जानकारी दी। बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर पहुंचे तो पटरागोय मरा पड़ा था। आशंका है कि दोनों कुत्तों को भी तेंदुए ने मार दिया है। सूचना पर दौराला पुलिस, वन विभाग के क्षेत्रीय वन अधिकारी लालजी वर्मा, दौराला बीट प्रभारी मनोज कुमार के अलावा गुलशन व विकास आदि मौके पर पहुंचे और तलाशी अभियान चलाया, मगर कहीं भी तेंदुए का पता नहीं चला। गीली मिट्टी में उन्होंने तेंदुए के पंजों के निशान चेक किए। टीम ने करीब तीन घंटे तक मछरी के जंगल में तेंदुए की तलाश की, लेकिन सफलता नहीं मिली। बीट प्रभारी, दौराला मनोज कुमार का कहना है कि प्रथमदृष्टया मिट्टी में पंजे के निशान तेंदुए के नहीं लग रहे। किसान के बयान पर खेत में तलाशी अभियान भी चलाया था, मगर तेंदुआ नहीं मिला। कुछ जंगली कुत्ते एकाएक देखने में तेंदुए की तरह लगते हैं। संभवत: वह हो सकता है।

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