बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने लहराई रिवाल्वर, अमरनाथ यात्रा हमले का बदला लेने की मांग

आगरा, उत्तर प्रदेश/नगर संवाददाताः ताजनगरी आगरा में कल अमरनाथ यात्रा के दौरान आतंकी हमले के विरोध प्रदर्शन में बजरंग दल ने अपना चेहरा चमकाने का प्रयास किया। हाथ में रिवाल्वर तथा अन्य असलहे के साथ प्रदर्शन के दौरान इन सभी ने सरकार को ललकारा और अमरनाथ यात्रा के दौरान आतंकी हमले का बदला लेने की गुहार लगाई। आगरा में कल बजरंग दल और विश्व हिंदू परिषद (विहिप) के कार्यकर्ताओं ने अमरनाथ यात्रियों पर हुए आतंकी हमले के विरोध में प्रदर्शन किया। इन सभी ने हाथ में असलहे लेकर प्रदर्शन किया और केंद्र सरकार को अल्टीमेटम देते हुए कहा कि अगर 15 दिन में इस हमले का बदला नहीं लिया गया तो वे खुद श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए कानून अपने हाथ में ले लेंगे। बजरंगी कल हथियार लेकर सड़कों पर निकल आए। पुरानी मंडी चौराहे पर प्रदर्शन किया, जिससे कुछ देर के लिए राहगीर भयभीत हो गए। केंद्र सरकार को नसीहत देते हुए सभी अपने घरों को रवाना हो गए। अमरनाथ यात्रियों पर हुए हमले के विरोध में बजरंग दल सह गोरक्षा प्रमुख गोविंद पाराशर ने आक्रोश जताया। पुरानी मंडी चौराहे पर दोपहर में रिवाल्वर लेकर और उनके साथी तलवार, चाकू, लाठी, डंडा लहराते हुए आधे घंटे तक नारेबाजी करते रहे। आगरा में बजरंग दल के नेता गोविंद पराशर के नेतृत्व में हथियारों के साथ आतंकियों को ललकारा गया। बजरंग दल के नेता गोविंद पराशर हाथ में पिस्टल लहराते हुए कहा कि हम भारत सरकार को बता देना चाहते हैं कि 15 दिन के भीतर अमरनाथ आतंकी हमले का बदला नहीं लिया गया तो हम लोग श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए कानून पाने हाथ में ले लेंगे। पराशर ने कहा कि यह सरकार की जिम्मेदारी है कि श्रद्धालुओं की सुरक्षा करे। अगर वह सक्षम नहीं है तो हम खुद उनकी सुरक्षा करेंगे। उन्होंने कहा कि आगरा से युवा श्रीनगर जाएगा और उनकी सुरक्षा करेगा। इससे पहले बजरंग दल व विहिप के कार्यकर्ताओं ने हाथों में पिस्टल, राइफल व तलवार लेकर उग्र प्रदर्शन किया। पाराशर का कहना था कि सैनिकों की जान जाती है और केंद्र सरकार मौन बैठी रहती है। इसके बाद अमरनाथ यात्रियों पर आतंकी हमला करने का दुस्साहस होता है। सरकार अगर सुरक्षा करने में सक्षम नहीं है, तो अनुमति दे हम अपने साथियों के साथ जाकर सुरक्षा करेंगे। उन्होंने सरकार को जल्द ठोस कदम उठाने की चेतावनी दी है। गोविंद पराशर वही हैं जिन्होंने जम्मू और कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री फारुख अब्दुल्लाह के सिर पर एक लाख का इनाम घोषित किया था।

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