अमरनाथ यात्रियों पर हुआ आतंकी हमला देश का माहौल बिगाड़ने की साजिश

जम्मू, जम्मूकश्मीर/नगर संवाददाताः जम्मू-कश्मीर के अनंतनाग में अमरनाथ यात्रियों पर हुए आतंकी हमले को देश का माहौल बिगाड़ने की साजिश के तौर पर भी देखा जा रहा है। केंद्रीय मंत्री जितेंद्र प्रसाद और मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती की पार्टी पीडीपी से लेकर जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला तक कई लोगों ने ऐसी आशंकाएं जाहिर की हैं। प्रधानमंत्री कार्यालय के राज्यमंत्री जीतेंद्र सिंह ने कहा, ‘’जम्मू-कश्मीर के अनंतनाग में अमरनाथ यात्रियों पर हुआ आतंकी हमला देश की सभ्यता और संस्कृति पर हमला है। हमारी मिली जुली संस्कृति पर हमला है।’’ जम्मू-कश्मीर की मौजूदा सरकार की मुखिया महबूबा मुफ्ती की पार्टी पीडीपी भी हमले को सांप्रदायिक माहौल बिगाड़ने की कोशिश बता रही है। जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने तो ये आशंका भी जाहिर की है कि इस आतंकी हमले का असर जम्मू-कश्मीर के बाहर पढ़ाई करने वाले कश्मीरी छात्रों पर हमले के रूप में भी देखने को मिल सकता है। उमर अब्दुल्ला ने ट्विटर पर लिखा है, ‘’मैं राजनाथ सिंह जी से अपील करता हूं कि वो राज्य सरकारों और अथॉरिटी से कहें कि उन कॉलेज और विश्वविद्यालयों का ध्यान रखें जहां कश्मीरी छात्र पढ़ते हैं। रोजगार के लिए दूसरे राज्यों में रहने वाले कश्मीरियों का भी खास ध्यान रखना होगा। उन पर हमलों की आशंका को खारिज नहीं किया जा सकता।’’ अमरनाथ यात्रियों पर हुए कायराना आतंकी हमले की निंदा सैयद अली शाह गिलानी, मीर वाइज़ उमर फारूक और मोहम्मद यासिन मलिक जैसे कश्मीर के अलगाववादी नेता तक कर रहे हैं। तीनों नेताओं की तरफ से जारी साझा बयान में कहा गया है, ‘’अमरनाथ यात्रियों पर हमले की हम कड़ी निंदा करते हैं। ये हमला कश्मीरियत के खिलाफ है। हर साल होने वाली अमरनाथ यात्रा हमारी सदियों से चली आ रही परंपरा का हिस्सा है और ये आगे भी जारी रहेगी. शोक की इस घड़ी में हमारी संवेदनाएं मृतकों के परिवारों के साथ हैं।’’ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी ट्विटर पर जारी अपने संदेश में कहा है कि भारत ऐसे कायराना हमलों और नफरत फैलाने की साज़िशों के आगे नहीं झुकेगा। प्रधानमंत्री मोदी के इस भरोसे को कायम रखने और माहौल बिगाड़ने की आतंकियों की साज़िश को नाकाम करने की पूरी जिम्मेदारी अब देश के आम लोगों पर है।

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