मोदी ने इजरायल में सुनाई नेतन्याहू के भाई के साहस और शहादत की कहानी

नई दिल्ली/नगर संवाददाताः इजरायल दौरे में पीएम मोदी ने वहां के प्रधानमंत्री नेतन्याहू के भाई के बलिदान का खास तौर पर जिक्र किया। नेतन्याहू के भाई आतंकवादियों के हाथों इजरायली नागरिकों को बचाते हुए शहीद हो गये थे. पीएम ने उसी वाकये का जिक्र करते हुए इजरायली लोगों के साहस और बलिदान की तारीफ की। बेन गुरियन एयरपोर्ट पर अपने संबोधन में मोदी ने कहा, ‘आज 4 जुलाई है। ठीक 41 साल पहले ऑपरेशन एंटेबी के दौरान आपके प्रधानमंत्री और मेरे दोस्त बिबी ने कई सारे इस्राइली बंधकों की जान बचाने का प्रयास कर रहे अपने बड़े भाई योनातन को खो दिया था।’ प्रधानमंत्री मोदी ने इस दौरे के दौरान उस ऑपरेशन एंटेबे का जिक्र किया जो ठीक 41 साल पहले हुआ था। 27 जून 1976 के तेल अवीव से पेरिस रवाना हुए विमान को फिलीस्तीनी आतंकवादियों ने अपने कब्जे में ले लिया। आतंकवादी विमान को युगांडा के एंटेबे हवाई अड्डे पर ले गए, तब इजरायल ने अपने नागरिकों को बचाने के लिए 4 जुलाई 1976 को करीब 200 सैनिकों की एक टुकड़ी को युगांडा भेजा। इस ऑपरेशन में इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के भाई भी शामिल थे।  प्रधानमंत्री मोदी ने अपने भाषण में इस घटना का जिक्र किया। अपने नागरिकों को बचाने के लिए इजरायल ने उस ऑपरेशन में जो रणनीति अपनायी थी, उसे जानकार आप हैरान रह जाएंगे। इजरायल ने अपने 200 सैनिकों को युगांडा के सैनिकों की वर्दी पहनाकर युगांडा के एंटेबे हवाई अड्डे पर भेजा। इजरायल के फैंटम विमानों को देखकर युगांडा के अधिकारियों को लगा कि उनके राष्ट्रपति ईदी अमीन मॉरीशस की विदेश यात्रा से लौट रहे हैं जबकि उस विमान में इजरायल के सैनिक थे। युगांडा के सैनिक जबतक पूरा माजरा समझ पाते तबतक इजरायली सैनिकों ने विमान को बंधक बनाये सातों अपहरणकर्ताओं को मार गिराया और अपने सभी नागरिकों को सुरक्षित बचा लिया। उसी ऑपरेशन के दौरान आतंकवादियों की गोली से नेतन्याहू के भाई लेफ्टिनेंट कर्नल जोनाथन नेतन्याहू घायल हो गये थे और इजरायल लौटते समय विमान में ही उनकी मौत हो गई थी। ये पहला मौका नहीं है जब प्रधानमंत्री मोदी ने किसी राष्ट्रनेता के बारे में खुले मंच से ऐसी भावनात्मक बातें कहीं हो। हाल ही में अपनी रूस यात्रा के दौरान मोदी ने रूसी राष्ट्रपति व्लादीमीर पुतिन के भाई की शहादत का भी जिक्र किया था। पुतिन के भाई 70 साल पहले द्वितीय विश्वयुद्ध में मारे गए थे, इस घटना का जिक्र करते हुए मोदी ने पुतिन से कहा था कि आप ऐसे नेता हैं जिसके परिवार ने बलिदान दिया।

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