प्रधानमंत्री आवास हेतु सुविधाशुल्क लेने के मामले में फंसेे ग्राम प्रधान

गोंडा, उत्तर प्रदेश/श्याम बाबू : मामला विकासखण्ड अन्तर्गत सांसद आदर्श ग्राम लिदेहना ग्रन्ट का है जहां पर ग्राम प्रधान प्रतिनिधि गिरधारी लाल द्वारा लाभार्थियों से प्रधानमंत्री आवास दिलाने के लिए चार-पांच माह पूर्व दस-दस हजार रूपए वसूल लिए गए। लाभार्थियों ने रिश्वत लेने की शिकायत सांसद गोण्डा कीर्तिवर्धन सिंह और जिलाधिकारी से की। सांसद गोण्डा ने मामले का संज्ञान लेते हुए जांच कर ग्राम प्रधान के खिलाफ कार्यवाही करने के आदेश दिए थे। बुधवार को सीडीओ दिव्या मित्तल ने प्रकरण की जांच हेतु परियोजना निदेशक डीआरडीए बीरपाल को लिदेहना ग्रन्ट भेजा। वहां मौके पर पीडी और सांसद गोण्डा के प्रतिनिधि राजेश सिंह के सामने ही ग्राम प्रधान प्रतिनिधि व उनके समर्थकों ने लाभार्थियों से मारपीट शुरू कर दी। जबकि इस मामले में बीडीओ नवाबगंज की जांच के दौरान भी ग्राम प्रधान प्रतिनिधि व समर्थकों द्वारा लााभार्थियों से हाथापाई की बात सामने आई थी। ग्राम प्रधान प्रतिनिधि की दबगंइ के कारण कई लाभार्थी अधिकारियों को अपना बयान देने से घबरा गए। पुलिस की मौजूदगी में पीडी द्वारा शिकायतकर्ताओं के बयान लिए गए। शिकायतकर्ताओं ने बताया कि ग्राम प्रधान प्रतिनिधि द्वारा लाभार्थियों से पांच माह पूर्व ही दस-दस हजार रूपए वसूल लिए गए हैं। जिसमें बैंक कर्मी में शामिल हैं। बताया गया कि बैंक कर्मियों द्वारा लाभार्थियों से दस-दस हजार के चार निकासी फार्म भरवाए जाते थे। निकासी के बाद बैंक में ही लाभार्थियों को पैंतीस हजार रूपए दिए गए जबकि पांच हजार रूपए वहीं पर प्रधान प्रतिनिधि द्वारा जबरन ले लिए गए। पीडी की जांच रिपोर्ट और शिकायतकर्ताओं के बयान के आधार पर सीडीओ दिव्या ने ग्राम प्रधान के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने के साथ ही तत्काल प्रभाव से ग्राम प्रधान के वित्तीय अधिकार सीज करने के आदेश डीपीआरओ को जारी कर दिए हैं। सीडीओ ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि गरीबों से आवास या किसी भी सरकारी योजना का लाभ दिलाने के लिए किसी भी प्रकार का सुविधा लेने की शिकायत प्राप्त होने पर निश्चित ही कार्यवाही की जाएगी। उन्होने कहा कि सरकार की मंशानुसार पात्र लाभार्थियों को ही योजनाओं का लाभ निःशुल्क दिया जाना चाहिए। इसमें किसी भी स्तर अनियमितता अथवा धांधलेबाजी को स्वीकार और क्षम्य नहीं किया जाएगा।

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