जीएसटी के विरोध में गढ़वाल और कुमाऊं के बाजार बंद

देहरादून, उत्तराखंड/नगर संवाददाताः जीएसटी के विरोध में व्यापारिक संगठनों के बंद का गढ़वाल व कुमाऊं के अधिकांश जिलों में व्यापक असर नजर आया। सरोवर नगरी नैनीताल को छोड़कर अधिकांश स्थानों में व्यापारियों ने प्रतिष्ठान बंद रखे। नैनीताल में व्यापारिक संगठनों का आह्वान पर जीएसटी के विरोध में बाजार बंद का नैनीताल में कोई असर नहीं। रोज की तरह तल्लीताल, मल्लीताल, माल रोड, तिब्बती बाजार, भोटिया बाजार, बड़ा बाजार, जयलाल साह बाजार रोज की तरह खुले। प्रांतीय उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल के वरिष्ठ जिला उपाध्यक्ष जगदीश बवाड़ी ने बताया कि पर्यटन सीजन में पर्यटकों को दिक्कत न हो, इसलिये बाजार बंद का आह्वान नहीं किया है। संगठन ने बंद को नैतिक समर्थन दिया है। उन्होंने कहा कि व्यापारी जीएसटी के खिलाफ नहीं है, लेकिन इसे जल्दबाजी में लागू नही करना चाहिए। चंपावत में बंद का मिलाजुला असर देखने को मिला। जिला मुख्यालय चंपावत और लोहाघाट नगर सहित पहाड़ में व्यापारिक प्रतिष्ठान पूरी तरह बंद हैं। यहां तक चाय आदि की दुकानें भी नहीं खुलीं। उधर टनकपुर बनबसा में मिला जुला असर हैं। चंपावत में सुबह के वक्त एक दो मिठाई की दुकानें खुली, जिन्हें व्यापार संघ अध्यक्ष अमरनाथ सक्टा ने बंद करवा दिया। बागेश्वर जिले में सभी व्यापारियों ने अपनी दुकानें बंद कर विरोध किया। कपकोट, कांडा, गरुड़ में भी दुकाने बंद रही। दुकानें बंद रहने से बाजार में चहल पहल नही दिखाई दे रही। पिथौरागढ़ में जीएसटी के विरोध में पिथौरागढ़ सहित जिला मुख्यालय सहित धारचूला व अन्य बाजार बंद हैं। छोटे कस्बो में भी व्यापारियो ने विरोध में दुकाने बंद रखी। गढ़वाल में उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, पौड़ी, कोटद्वार में व्यापार मंडल के आह्वान पर बाजार बंद रहे। व्यपारियों ने सुबह से ही अपनी दूकान बन्द रखी। बाजार बंद होने से लोगों को भी परेशानी झेलनी पड़ी। मेडिकल स्टोर सहित अन्य आवश्क सेवाओं को बंद से मुक्त रखा गया है।

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