मंगल चन्द कुमावत मर्डर केस, पुलिस प्रशासन ने 10 घण्टे के भीतर पकडा आरोपी

जयपुर, राजस्थान/विकास शर्माः घटना दिनांक 26.06.2017 की ऱात्रि 9.15 बजे की है, जब पिकअप चालक शिवपाल चौधरी ने मंगल चन्द कुमावत की चाकू से गोदकर हत्या कर दी। पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए 10 घण्टे के भीतर ही आरोपी शिवपाल चौधरी को पिकअप समेत धर लिया, और अपनी ड्यूटी बखूबी निभाई। लेकिन पूर्व विधायक भगवान सहाय सैनी ने अपने कार्यकर्ताओ के साथ पहुचकर हास्पिटल मे हंगामा किया, साथ ही प्रशासन ने जो अार्थिक मदद देने की बात कही थी, वह भी भगवान सहाय सैनी के द्वारा किये गये हंगामे की भेट चढ गयी। भगवान सहाय सैनी द्वारा किये गये इस कृत्य ने कुमावत समाज की प्रतिष्ठा को तो गिराने की कोशिश की ही है, साथ ही स्थानीय प्रशासन के सामने भी छवि धूमिल करवाने की कोशिश की है, और जो आर्थिक सहायता मृतक के परिवार को मिल सकती थी उससे भी मृतक के परिवार को वंचित किया है। भगवान सहाय सैनी के द्वारा किये गये इस कृत्य के लिए समाज कभी माफ नही कर सकता, उनके व उनकी पार्टी के लोगो के पास हास्पिटल मे आकर हुडदंग करने का समय तो था, लेकिन भगवान सहाय सैनी या उनकी पार्टी के लोगो ने मृतक के दाह संस्कार मे पहुचना उचित नही समझा, साथ ही सर्व समाज ने मृतक के परिवार को तत्काल राहत पहुचाने के लिए लगभग तीन लाख रूपये की आर्थिक सहायता पहुचाई, इसमे भी भगवान सहाय सैनी व इनके कार्यकर्ताओ ने कोई रूचि नही दिखाई, वाह रे राजनिति, वोट के लिए क्या क्या करवाएगी, मृतक के परिवार को भी पूर्व विधायक ने नही छोडा। जब 26 जून की रात्रि में मृतक के परिजन व रिश्तेदारो को सहायता की जरूरत थी, तब ना तो भगवान सहाय सैनी जी दिखे, और ना ही उनकी पार्टी के कार्यकर्ता, लेकिन पहुच गए दूसरे दिन सुबह हास्पिटल मे अपनी राजनिति चमकाने कार्यकर्ताओ को लेकर, और वहा हंगामा कर प्रशासन को नाराज कर मृतक के परिवार को लाभ से वंचित कर दिया है भगवान, कोई तो पूर्व विधायक को सद बुद्धि देकर कहे कि किसी की मौत पर राजनिति करना गलत है।

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