लखनऊ के 51 पेट्रोल पंप पाए गए दोषी, होगी कार्रवाई

लखनऊ, उत्तर प्रदेश/नगर संवाददाताः घटतौली कर आम आदमी की जेब कतरने वाले पेट्रोल पंप संचालकों पर शिकंजा कस गया है। प्रशासन ने जांच में 51 पंपों को गड़बड़ी का दोषी पाया है। इनके खिलाफ कार्रवाई का आदेश दिया है। 43 पेट्रोल पंप संचालकों के खिलाफ मुकदमा दायर किया जाएगा जबकि आठ पर जुर्माना लगाया जाएगा। राजधानी में पेट्रोल पंपों पर एसटीएफ की छापेमारी के बाद प्रशासन ने 202 पेट्रोल पंपों की जांच की थी। अपर जिलाधिकारी आपूर्ति आशुतोष मोहन अग्निहोत्री के मुताबिक जांच के बाद जिन पंपों पर घटतौली या फिर मशीन में छेड़छाड़ की शिकायत मिली है उनके खिलाफ कार्रवाई की संस्तुति की गई है। एसटीएफ ने गत 27 अप्रैल को राजधानी के कई पेट्रोल पंपों पर ताबड़तोड़ छापे मारकर बड़े पैमाने पर फर्जीवाड़ा पकड़ा था। घटतौली और मशीन से छेड़छाड़ के बाद एसटीएफ ने नौ पेट्रोल पंपों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था। इनमें कई पेट्रोल पंप संचालकों और कर्मचारियों की गिरफ्तारियां भी हुई थीं। हालांकि इस मामले में कई संचालक नामजद होने के बाद अब तक पकड़े नहीं गए हैं। अपर जिलाधिकारी आपूर्ति के मुताबिक जिला पूर्ति अधिकारी को इस बारे में एसीजीएम कोर्ट में पेट्रोल पंपों के खिलाफ वाद दायर कराने के निर्देश दिए गए हैं। आठ पंप ऐसे हैं, जिनमें केवल घटतौली ही मिली है, ऐसे में इनके खिलाफ कपांउडिंग की कार्रवाई होगी। मंगलवार को प्रशासन ने जांच करने वाली टास्क फोर्स की बैठक बुलाकर अब तक की गई छानबीन की समीक्षा के बाद मुकदमा दर्ज कराने का निर्णय किया। दस पंपों के लाइसेंस निरस्त: गड़बड़ी करने वाले पेट्रोल पंपों के खिलाफ प्रशासन ने सख्ती दिखाते हुए दस पंपों के लाइसेंस निरस्त करने की भी संस्तुति कर दी है। जिला आपूर्ति अधिकारी केएल तिवारी के मुताबिक तेल कंपनियों ने जिन दस पंपों की डीलरशिप निरस्त की थी, अब उन पंपों का लाइसेंस भी निरस्त किया जा रहा है। जमानत राशि भी भी होगी जब्त: जिलाधिकारी ने इनका वितरण लाइसेंस निरस्त कर दिया है। इसके साथ ही इन पंपों की जमानत राशि भी जब्त कर ली जाएगी। जिन पंपों के लाइसेंस निरस्त किए जाएंगे उनमें सात पंप भारत पेट्रोलियम के, दो इंडियन ऑयल के और एक हिंदुस्तान पेट्रोलियम का है।

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