भारत के विकास में नीदरलैंड का अहम योगदान

अंतर्राष्ट्रिय, नगर संवाददाताः प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तीन देशों की यात्रा के तीसरे और अाखिरी पड़ाव के तहत मंगलवार को नीदरलैंड्स पहुंचे। यहां उन्होंने डच प्रधानमंत्री मार्क रूटे से मुलाकात की। दोनो राष्ट्राध्यक्षो ने मुलाकात के बाद एक साझा बयान जारी किया। पीएम मोदी ने कहा कि द्विपक्षीय संबंधों की बात करें तो पिछले 3 सालों में नीदरलैंड्स एफडीआई का सबसे बड़ा देश बनकर उभरा है। दोनों देश कई सेक्टर्स में मिलकर काम कर रहे हैं। भारत के विकास में नीदरलैंड का अहम योगदान है। पीएम मोदी ने कहा, ‘सबसे पहले मैं आपका आभारी हूं कि आपने मेरा और मेरे डेलिगेशन का स्वागत किया। मेरी ये यात्रा बहुत कम समय के नोटिस पर तय हुई। लेकिन आपने इस कम समय में जो सारा प्लान किया, ये आपके नेतृत्व के कौशल का परिचायक है। आपने सही कहा कि भारत-नीदरलैंड्स के संबंध बहुत पुराने हैं। दोनों देशों के रिश्ते का ये 70वां वर्ष है। आज हम इंटरडिपेंडेंट और इंटरकनेक्टेड हैं। हमारी चर्चा में वैश्विक परिदृश्य में भी बहुत सारी बातें होंगी। नीदरलैंड्स की सहयोग से ही भारत ने पिछले साल MTCR की सदस्यता पाई है। मीडिया को साझा बयान जारी करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि द्विपक्षीय संबंधों की बात करें तो पिछले 3 सालों में नीदरलैंड्स एफडीआई का सबसे बड़ा देश बनकर उभरा है। आज हम नीदरलैंड्स की सीईओ के साथ मुलाकात करेंगे। मैं उनके विचार जानने के लिए उत्सुक हूं। आज मुझे नीदरलैंड्स में रहने वाले भारतीयों से भी मिलने का मौका मिलेगा। आज नीदरलैंड्स के किंग और क्वीन से मिलने का मौका मिलेगा। मोदी ने तीन देशों की यात्रा पर रवाना होने से पहले 23 जून को नई दिल्ली में जारी अपने बयान में कहा था, “मैं प्रधानमंत्री रूट से आतंकवाद रोधी तथा जलवायु परिवर्तन सहित अहम वैश्विक मुद्दों पर विचारों का आदान-प्रदान करूंगा।” उन्होंने कहा कि नीदरलैंड्स यूरोपीय संघ में भारत का छठा सबसे बड़ा व्यापारिक साझीदार है और वैश्विक तौर पर पांचवां सबसे बड़ा निवेश साझीदार। जल व अपशिष्ट प्रबंधन, कृषि व खाद्य प्रसंस्करण, नवीकरणीय ऊर्जा, बंदरगाह व जहाजरानी जैसे क्षेत्रों में डच विशेषज्ञता हमारी विकास संबंधी जरूरतें पूरी करती हैं।

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