मुंबई जेल में पुलिस ने महिला कैदी को बुरी तरह पीटा, प्राइवेट पार्ट में डाली लाठी, मौत

मुंबई, महाराष्ट्र/नगर संवाददाताः मुंबई की बायकुला जेल में सुबह के राशन से दो अण्डे और पांच पाव गायब हो जाने के बाद जेल वार्डन पर जेल पुलिस कर्मियों  ने बर्बरता की सारी इंतेहा पार करते हुए उसे पीटकर मार डाला। अन्य कैदियों के बयान के आधार पर पुलिस में दायर की गई एफआईआर के मुताबिक शुक्रवार को 38 वर्षीय कैदी मनीषा शेट्टी को जेल पुलिस कर्मियों ने बुरी तरह पीटा और उसके प्राइवेट पार्ट में लाठी डाल दी, जिसके बाद उसकी मौत हो गई। मंजुला की मौत के बाद जेल में कैदियों ने विरोध शुरु कर दिया. इस विरोध में चर्चित शीना बोरा हत्याकांड की आरोपी इंद्राणी मुखर्जी भी शामिल रहीं. जेल में हुई इस अमानवीय घटना के बाद एफआईआर और गवाहों के बयान के आधार पर छह महिला पुलिसकर्मियों पर हत्या का मामला दर्ज कर लिया गया है।हिंदुस्तान टाइम्स के मुताबिक यह घटना 23 जून को सुबह 9 बजे की है। जब सुबह के राशन में दो अंडे और पांच पाव कम पड़ गए। इसके बाद मंजुला को जेल अधिकारी मनीषा पोखरकर ने अपने केबिन में बुलाया। इसके बाद केबिन से मंजुला की चीखों की आवाज सुनाई देने लगी। कुछ देर बाद मंजुला वापस बैरक में आ गई. उसके शरीर पर कई जगह चोट के निशान थे। जेल के अन्य कैदियों ने बताया कि कुछ देर बाद कुछ और महिला कांस्टेबल वापस बैरक में आई जहां उन्होंने मंजुला की फिर से पिटाई की। इनमें बिंदू नायकडे, वासीमा शेख, शीतल शेगांवकर, सुरेखा गल्वे और आरती शिंगने शामिल थीं। कैदियों ने बताया कि इनमें से कांस्टेबल बिंदू और सुरेखा ने मंजुला के पैरों को अलग किया और वासीमा ने उसके प्राइवेट पार्ट में लाठी डाल दी। मंजुला के शरीर से खून बह रहा था लेकिन उसे जेल प्रशासन की ओर से कोई सहायता नहीं दी गई। बाद में बाथरूम में वह अचानक बेहोश हो जाने बाद उसे डॉक्टर के पास ले जाया गया जहां डॉक्टर ने उसे जे. जे. अस्पताल रिफर कर दिया. अस्पताल में पहुंचते ही मंजुला की मौत हो गई। जे. जे. अस्पताल की पोस्टपार्टम रिपोर्ट में सामने आया है कि मंजुला के शरीर पर 11 से 13 गहरी चोट के निशान थे. डॉक्टर के डीन टीपी लहाने ने बताया की पिटाई की वजह से उसके फेफड़ें भी क्षतिग्रस्त हो गए थे। मंजुला को उसके अच्छे व्यवहार की वजह से जेल बैरक का वार्डन नियुक्त किया गया था। वह अपनी बहू विद्या शेट्टी की हत्या के जुर्म में सजा काट रही थी। उसे तीन महीने पहले ही येरवड़ा जेल से बाईकुला जेल लाया गया था। गवाहों के बयान के आधार पर छह पुलिस कर्मियों के खिलाफ नागपाड़ा पुलिस थाने में एफआईआर दर्ज कर ली गई है। पुलिस मामले की जांच में जुटी है।

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