मारा गया कुख्यात आनंदपाल

नागौर, राजस्थान/भुराराम जॉगीड़ः राजस्थान पुलिस के नागौर जिला पुलिस को इस बार बहुत ही बड़ी सफलता हाथ लगी है। राजस्थान के मोस्ट वांटेड गैंगस्टर का पूरी तरह से खात्मा हो चुका है। यह कार्यवाही चुरू के मालासर में हुई है। जिसमें कुख्यात आनंदपाल के एनकाउंटर के साथ उसके दो साथियों को गिरफ्तार किया गया है। जवाबी फायरिंग में दो सिपाहियों को भी गोली लगी है। अमावस कि रात शनिवार की देर रात 9:00 बजे चुरू जिले के मालासर गांव के पास पुलिस को सूचना मिलने पर आनंदपाल को घेर लिया गया था। जिसमें लगभग ढाई घंटा फायरिंग चली जब आनंदपाल को महसूस हुआ कि चारों तरफ से घेर चुके हैं तो उसने अंधाधुंध फायरिंग शुरू कर दी जिसमें दो सिपाही घायल हो गए। आनंदपाल एके 47 गन से फायर कर रहा था। आखिरकार 11:00 बजे आईजी दिनेश एमएन के हाथों ही आनंद पाल के सीने में पहली गोली लगी और जिसके बाद आनंदपाल को कुल छह गोलियां फायरकर मार गिराया गया। पुलिस ने आनंदपाल के भाई देवेंदर और गट्टू को शाम 6:00 बजे ही गिरफ्तार कर लिया था और उसी मकान में उसका एनकाउंटर किया गया था जो हाइवे के ठीक समीप बनाया हुआ था। जिस में नीचे श्रवण नाम का आदमी रहता था और ऊपर आनंदपाल 2 महिलाओं के साथ रहता था। राजस्थान कि मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने रात को 12:00 बजे ग्रहमंत्री गुलाबचंद कटारिया को फोन कर आनंदपाल के मारे जाने की बधाई दी है। आनंदपाल के एनकाउंटर के बाद पूरे राजस्थान और आसपास के क्षेत्र के पुलिस प्रशासन ने राहत की सांस ली है। आनंदपाल मूलनिवासी लाडनूं तहसील के ग्राम सांवरिया का है। जिस पर हत्या सहित अपरहण जमीनों पर कब्जा डकैती जैसे पचासौं मामले दर्ज हैं। लगभग 22 महीने पहले 30 सितम्बर 2015 को डीडवाना से अजमेर कोर्ट में पेशी पर ले जाते समय परबतसर के निकट गांगवा गांव के पास पुलिस को गच्चा दे कर आनंदपाल फरार हुआ था और सरकार ने आनंदपाल को पकड़वाने के लिए 5 लाख रुपए का इनाम भी घोषित किया था। लगभग 1 साल पहले मीडिया के जरिए आनंदपाल की मां ने आनंदपाल को कहा कि अब भागने में कोई फायदा नहीं है बेटा सरेंडर कर दो जिसके बावजूद आनंदपाल नहीं माना और आखिरकार एनकाउंटर में मारा ही गया।

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