अब से सभी पासपोर्ट अंग्रेजी और हिंदी दोनों भाषाओं में होंगेः सुषमा स्वराज

नई दिल्ली/नगर संवाददाताः विदेश मंत्रालय की ओर से शुक्रवार को पासपोर्ट में एक नए संशोधन की घोषणा की गयी है। विदेश मंत्री सुषमा स्‍वराज ने पासपोर्ट में अंग्रेजी के साथ हिंदी भाषा के प्रयोग व पासपोर्ट की आवेदन फीस में 10 फीसद की कटौती का ऐलान किया है। इस संशोधन के तहत अब तक केवल अंग्रेजी भाषा में आने वाले पासपोर्ट में अब मातृभाषा हिंदी भी होगा यानि पासपोर्ट में हिंदी और अंग्रेजी दोनों ही भाषाएं होंगी। पासपोर्ट के आवेदन फीस में दस फीसद की कटौती का लाभ आठ से कम और 60 वर्ष ज्यादा आयु वर्ग के लोगों को होगा। इसके साथ ही जानकारी दी गयी कि अब पासपोर्ट में संबंधित व्यक्ति की जानकारी केवल अंग्रेजी में नहीं दर्ज होगी। मतलब, पासपोर्ट में अंग्रेजी के साथ हिंदी भाषा में भी जानकारी दर्ज की जाएगी। विदेश और संचार मंत्रालय के साझा सहयोग से पासपोर्ट अधिनियम 1967 के 50 साल पूरे होने के मौके पर आज एक कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसमें केंद्रीय विदेश मंत्री सुषमा स्वराज, संचार राज्य मंत्री मनोज सिंहा, विदेश राज्य मंत्री वीके सिंह और एमजे अकबर शामिल हुए। इस मौके पर सरकार की ओर से पासपोर्ट नियमों में सुधार, पासपोर्ट सेवा में सुधार और पासपोर्ट सेवा आपके द्वार के सिद्धांतो पर काम करते हुए निर्धारित लक्ष्य को हासिल करने की बात कही गयी। विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने कहा कि उनके विदेश मंत्रालय का पद संभालने के वक्त देश में 75 पासपोर्ट सेवा केंद्र थे, जिसमें तेजी से बढ़ोत्तरी की गयी। संचार मंत्रालय के सहयोग से डाक सेवा केंद्र से पासपोर्ट जारी करने की योजना शुरु की गयी। उन्होंने कहा कि पासपोर्ट हर नागरिक का मूलभूत अधिकार है, जिससे उन्हें वंचित नहीं किया जा सकता है। जानकारी दी गयी की डाक विभाग और पासपोर्ट विभाग मिलकर 235 केंद्र खोलने जा रहा है। मंत्रालय 50 किमी. के दायरे में पासपोर्ट सेवा उपलब्ध कराने की कोशिश कर रहा है।

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