तीन हिरणों का हुआ शिकार ग्रामीण हुए आक्रोशित

नागौर, राजस्थान/भूराराम जांगीड़ः घटना नागौर जिले की है। यहां रविवार की रात शिकारियों ने तीन हिरणों का शिकार की नियत से गोली मारकर हत्या कर दी और शवों को खेजड़ी पर लटका दिया। जिसके बाद गोलियों की आवाज सुनकर आसपास के ग्रामीणों ने शिकारियों का पीछा किया। शिकारी अपनी दो मोटरसाइकिल मौके पर छोड़कर फरार हो गए। जिसके बाद ग्रामीणों ने पुलिस को सूचना दी पुलिस ने मौके पर पहुंचकर दोनों मोटरसाइकिल जब्त कर कार्यवाही शुरू की है। ग्रामीणों के अनुसार नागौर जिले के सदर थाना क्षेत्र के बासनी इंदास गांव की सरहद पर रविवार की रात को कुछ शिकारियों ने शिकार की नियत से तीन हिरणों कि गोली मारकर हत्या कर दी। जिसमें एक हिरण नर है और दो मादा। हिरण गर्भवती थे। जिनमें एक मादा हिरण के पेट में दो बच्चे थे और दूसरी मादा हिरण के पेट में एक बच्चा था। घटना में कुल 6 जीवो की हत्या हुई है। ग्रामीणों ने शिकारियों का पीछा किया लेकिन अंधेरे का फायदा उठाकर शिकारी भागने में कामयाब रहे। मौके पर शिकारियों की दो मोटरसाइकिल जब्त कर पुलिस ने कार्यवाही शुरू की है। इस पर सदर थाना अधिकारी रामवीर जाखड़ जाप्ते के साथ मौके पर पहुंचे और आसपास के शिकारियों की तलाश की लेकिन असफल रहे दूसरे दिन सोमवार सुबह 7:30 बजे तक वन विभाग के अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचे तो ग्रामीण आक्रोशित हो गए तथा शिकारियों को गिरफ्तार करने की मांग को लेकर घटनाओं पर अंकुश लगाने की मांग की है। दोपहर तक ग्रामीणों द्वारा प्रदर्शन करने के बाद पुलिस ने मौके पर ही पशुपालन विभाग की टीम बुलाकर तीनों हिरणों का पोस्टमार्टम करवाया। ग्रामीणों की बड़ी मांग रही है कि डिसीएफ वेद प्रकाश गुर्जर को हटाया जाए जो पिछले 5 सालों से नागौर वन विभाग जिले मे अफसर के रूप में कार्यरत हैं। दिनों-दिन हिरण शिकार की घटनाओं का ग्राफ बढ़ता ही जा रहा है। जबकि वन विभाग के अधिकारी संसाधनों एवं स्टाफ की कमी को लेकर सफाई दे देते हैं। ग्रामीणों का कहना है कि समय रहते बंदोबस्त किया जाता तो इतनी बड़ी घटना नहीं होती।

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