एमपी में एक और किसान ने किया सुसाइड, 9 दिनों में 10 किसानों ने की खुदकुशी

भोपाल, मध्यप्रदेश/नगर संवाददाताः  मध्यप्रदेश में पिछले 48 घंटों में कर्ज से परेशान तीन और किसानों ने कथित रूप से खुदकुशी कर ली, जिससे सूबे में पिछले 9 दिनों में आत्महत्या करने वाले किसानों की संख्या बढ़कर 10 हो गई है। ताजा मामला एमपी के सीएम शिवराज सिंह चौहान के गृह क्षेत्र का है, जहां कर्ज से परेशान 22 साल के एक किसान ने जहरीला पदार्थ खाकर खुदकुशी कर ली। जानकारी के मुताबिक बुधनी विधानसभा के लाचोर गांव में रहने वाले किसान मुकेश की 3 महीने पहले ही शादी हुई थी। मुकेश के पास 6 एकड़ खेत है। उस पर 55 हजार रुपए बैंक का जबकि 4 लाख साहू करो का कर्ज है। कर्ज से परेशान होने की वजह से मुकेश ने जहरीला पदार्थ खाकर खुदकुशी करने की कोशिश की। जिसे गंभीर हालत में भोपाल रेफर किया गया जहां उसकी मौत हो गई। मध्य प्रदेश में किसानों की आत्महत्या का दौर थमने का नाम नहीं ले रहा है, बुधवार को दो और किसानों ने कर्ज से परेशान होकर आत्महत्या कर ली। होशंगाबाद जिले में किसान ने जहर खाकर और शिवपुरी जिले में फांसी के फंदे से लटकर जान दे दी। पुलिस ने यह जानकारी गुरुवार को दी। इस तरह तीन दिनों में छह किसानों ने जान दे दी। पुलिस के अनुसार, बावई थाना क्षेत्र के चपलासर का किसान नर्मदा प्रसाद यादव अपने भाई के साथ बुधवार को मंडी में मूंग बेचने आया था, मगर अशोक किसी काम से वहां से चला गया। नर्मदा का भाई अशोक जब लौटकर आया तो उसे बड़ा भाई इब्राहिम चौक के पास एक किराने की दुकान के पास बेहोशी की हालत में मिला। उसके मुंह से झाग निकल रहा था। इसके बाद नर्मदा को अस्पताल ले जाया गया, जहां देर रात मृत घोषित कर दिया गया।  कोतवाली थाने के प्रभारी महेंद्र सिंह चौहान ने गुरुवार को बताया, “परिजन बताते हैं कि नर्मदा पर किसी सूदखोर का 50 हजार रुपये का कर्ज था। कर्ज चुकाने के लिए सूदखोर उस पर दबाव बना रहा था और रकम के एवज में नर्मदा से ट्रैक्टर मांग रहा था। इससे वह परेशान था, शायद इसी के चलते उसने जहर खा लिया. पुलिस मामले की जांच कर रही है।” बुधवार को ही शिवपुरी जिले के बिनेका गांव में कल्ला नाम के किसान का शव पेड़ से लटका मिला। परिजनों के अनुसार, उसके पास सवा दो बीघा जमीन है, पिछले तीन साल से सूखा के कारण उस पर कर्ज भी बढ़ गया था, जिससे वह परेशान था. इसी के चलते उसने फांसी के फंदे से लटककर आत्महत्या कर ली। इंदार थाने के प्रभारी एस.बी. शर्मा ने कहा है कि कल्ला शराब पीने का आदी था और तांत्रिक क्रियाएं करता था। उस पर किसी तरह का कर्ज नहीं है।  आशंका है कि उसने तांत्रिक क्रिया के चलते ही आत्महत्या कर ली होगी। पुलिस मामले की जांच कर रही है। आपको बता दें कि मंदसौर जिले में 6 मई को किसान आंदोलन के दौरान पुलिस की गोलीबारी में पांच किसानों की मौत हो गई थी। जिसके बाद शिवराज सरकार द्वारा किसानों के हित में कई घोषणाएं करने के बावजूद भी इन नौ किसानों ने खुदकुशी की। इससे पहले आठ जून से लेकर बुधवार सुबह तक सात अन्य किसानों ने भी मध्यप्रदेश के विभिन्न भागों में कर्ज से परेशान होकर आत्महत्या की है। मध्य प्रदेश विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री स्वर्णिम मध्यप्रदेश का दावा करते हैं, मगर यहां के किसान सूदखोरों के चंगुल में हैं और आत्महत्या जैसे कदम उठाने को मजबूर हो रहे हैं।  कांग्रेस नेता ने कहा कि बीते तीन दिनों में कर्ज के बोझ से दबे प्रदेश के छह किसानों ने आत्महत्या कर ली। होशंगाबाद के बाबई में किसान द्वारा आत्महत्या करना शिवराज सरकार के उन दावों की कलई खोलती है, जो 0 प्रतिशत ब्याज पर कर्ज देने का दावा करती है। अगर 0 प्रतिशत बयाज पर कर्ज मिल रहा है, तो किसान सूदखोरों के चंगुल में आज भी क्यों हैं? पूर्व केंद्रीय मंत्री और कांग्रेस सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कहा कि मध्यप्रदेश की शिवराज सिंह चौहान की सरकार के हाथ खून से रंगे हुए हैं। ज्योतिरादित्यके सत्याग्रह मंच पर एक कार्यकर्ता ने शिवराज की नकल उतारी। टीटी नगर स्थित दशहरा मैदान में बुधवार से शुरू हुए कांग्रेस के 72 घंटे के सत्याग्रह के दूसरे दिन गुरुवार को ज्योतिरादित्य ने कहा, “मंदसौर में किसानों पर सरकार ने पुलिस से गोली चलवाई और छह किसानों की मौत हो गई, इस सरकार के हाथ खून से रंगे हुए हैं, मुख्यमंत्री चौहान को अपने पद से इस्तीफा दे देना चाहिए।”

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