श्री आशुतोष महाराज जी ने लाखों युवाओं को नशे की गिरफ्त से बाहर निकाला – साध्वी दीपिका भारती

नई दिल्ली/अरविंद कुमार यादवः गत चार दिवस से दिल्ली के दिलशाद गार्डन स्थित हनुमान वाटिका में दिव्य ज्योति जागृति संस्थान द्वारा भव्य श्री रामकथा का अत्यंत सराहनीय व्याख्यान चल रहा है। संस्थान के संस्थापक व संचालक श्री आशुतोष महाराज जी की शिष्या कथावयस साध्वी दीपिका भारती जी बड़ी ही कुशल शैली में अध्यात्म विज्ञान तथा आधुनिक विज्ञान का संधिकरण करते हुए श्री राम के जीवन के रहस्यों को प्रकट कर रही हैं। मंच पर आसीन राम कथा मंडली के अन्य साधू तथा साध्वी संगीतज्ञों के सुमधुर गायन ने क्षेत्रवासियों को भक्ति रस की डोर में बांध लिया है और दिन प्रतिदिन श्रद्धालुओं की संख्या में वृद्धि हो रही है। संस्थान के समाज सेवा के समर्पित भाव का साक्षात्कार कर सभी क्षेत्रवासी अत्यंत प्रभावित हैं। पंचम दिवस की कथा प्रवाह में अरण्यकाण्ड प्रसंग के मध्य प्रभु श्री राम के अपनी मातृभूमि के प्रति प्रेम का आख्यान देते हुए कथाव्यास जी ने अपने गुरुदेव के विचारों को सभासदों के समक्ष प्रतिपादित किया, “श्रीराम एक आध्यात्मिक सूर्य हैं जिनका उदय तो हर युग में भारत में ही होता है परन्तु उनके स्वर्णिम प्रकाश की आभा समस्त विश्व को प्रकाशित करती है, क्योंकि यदि विश्व एक देह है तो भारत उसका हृदय है।” संस्थान द्वारा भारतीय संस्कृति के पुनर्जागरण हेतु न केवल बड़ी संख्या में भव्य श्रीमद भागवत कथा, श्रीमद देवी भागवत कथा, श्री रामकथा, शिव कथा, हरी कथा, कृष्ण कथा तथा गौ कथा का आयोजन होता है बल्कि इनमें जिस सनातन पुरातन ब्रह्मज्ञान की चर्चा की गयी है, जिज्ञासु जनों को वह भी प्रदान किया जाता है। कथाव्यास जी ने प्रतिभा पलायन के मुद्दे को भी उठाया और इसका आधार बढ़ते बाज़ारवाद एवं पाश्चात्यता के अंधानुकरण को बताया। ब्रांड नाम सिंड्रोम के विषय पर विस्तृत जानकारी देते हुए उन्होंने कहा, “ब्रैंड का पूरा सिद्धांत ही भ्रामक है। यह युवाओं की मासूम भावनाओं का शोषण कर उनका आत्मबल कम करता है। बढ़ते प्रतियोगिता एवं साथियों का दबाव से संघर्षरत युवाओं को यदि सही समय पर उचित दिशा न मिले तो उनका समस्त जीवन भ्रष्ट हो सकता है। ”संस्थान के युवा प्रकल्पों का उदाहरण देते हुए साध्वी जी ने इनमें लगे हुए युवाओं के जीवन में परिवर्तन की विशेष भूमिका व योगदान का श्रेय श्री आशुतोष महाराज जी को समर्पित किया। उन्होने कहा, “श्री आशुतोष महाराज जी असाधारण हैं, वे एक महान ऋषि, एक दिव्य गुरु हैं जिन्होने करोड़ों जिज्ञासुओं तथा श्रद्धालुओं को ब्रह्मज्ञान प्रदान कर उनका मार्ग दर्शन किया है, उन्हे भटकने से बचाया है और जीवन के उत्तम लक्ष्य की ओर उन्मुख किया है। इनमें लाखों ऐसे युवा हैं जो नशे के ऐडिक्ट थे परंतु ब्रह्मज्ञान आधारित ध्यान पद्धति द्वारा इन्होने पूर्ण रुपेन इस लत को त्याग दिया। कई ऐसे युवा हैं जो गलत संगति में पड़कर भ्रष्ट हो रहे थे, वे भी आज समाज कल्याण की भावना से सराबोर हो उत्तम मार्ग पर अग्रसर हैं। और सैंकड़ों ऐसे भी हैं जो समाज में व्याप्त अमानवीयता का विरोध तो करना चाहते थे परंतु उन्हे अभी तक उचित प्लैटफॉर्म नहीं मिला था। आज ये सब संगबद्ध हो विश्व में शांति की स्थापना करने हेतु गुरुदेव श्री आशुतोष महाराज जी के दिव्य दिशा निर्देशन में दिन राम प्रयासरत हैं। ऐसे जागृत युवा ही देश की रीढ़ हैं।” दिव्य ज्योति जागृति संस्थान में नशे की रोकथाम हेतु बोध नमक प्रकल्प चलाया जा रहा है जिसके अंतर्गत नशे के रोगियों पर द्वि-स्तरीय प्रणाली द्वारा कार्य किया जाता है। एक तो निवारण और दूसरा इलाज और दोनों की कार्यप्रणाली अध्यात्म पर आधारित है। ऐसे लाखों युवाओं में से अनेकों की केस स्टडीज़ संस्थान द्वारा प्रकाशित पुस्तक ‘फेयरवेल टू ड्रग्स फोरेवर’ में दर्ज हैं जिन्होंने श्री आशुतोष महाराज जी की विलक्षण ध्यान पद्धति द्वारा नशा त्याग दिया।

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