अवैध खनन माफियाओं के विरुद्ध जिला प्रशासन की सख्ती जारी

गोंडा, उत्तर प्रदेश/श्याम बाबूः जिले में अवैध खनन माफियाओं के विरुद्ध सख्त कार्रवाई करते हुए जिला प्रशासन ने पर्यावरण को हुए नुकसान व रायल्टी वसूली के लिए 18 करोड़ रुपए की वसूली के लिए नोटिस जारी किया है। इससे पूर्व इनके विरुद्ध करीब ढ़ाई करोड़ रुपए का वसूली प्रमाण पत्र (आरसी) जारी करते हुए गैंगेस्टर एक्ट के तहत 10 करोड़ से अधिक की प्रापर्टी कुर्क की जा चुकी है। यह जानकारी देते हुए डीएम जेबी सिंह ने बताया है कि जिले मंे अवैध खनन की शिकायत पर कठोर कार्रवाई करते हुए जिला प्रशासन ने तरबगंज तहसील के कल्यानपुर तथा चकरसूल गांव में खनन करने वाले आधा दर्जन लोगों के विरुद्ध भारतीय दण्ड विधान की धारा 34, 379 व 120बी, एमएमडीआर एक्ट की धारा 4 व 21 तथा वन अधिनियम की धारा 26 के तहत मुकदमा दर्ज कराया गया था। इसके बाद अभियुक्तों की गिरफ्तारी करते हुए इन पर गैंगेस्टर अधिनियम के तहत कार्रवाई करते हुए इनके द्वारा अवैध तरीके से अर्जित की गई 10 करोड़ रुपए से अधिक की अचल सम्पत्ति कुर्क की गई थी। साथ ही दो करोड़ चालीस लाख रुपए की वसूली के लिए आरसी जारी की जा चुकी है। जिला मजिस्ट्रेट श्री सिंह ने बताया कि स्थानीय स्तर पर अधिकारियों की टीम बनाकर अवैध खनन का आंकलन कराए जाने के बाद मोहम्मद शफीक पुत्र मोहम्मद शफी, हाफिज अली, अब्बास अली, मुबारक अली, कायम अली व लियाकत अली पुत्रगण मोहम्मद मुश्ताक निवासी कल्यानपुर परगना नवाबगंज तहसील तरबगंज जनपद गोंडा के विरुद्ध गुरुवार को 18 करोड़ रुपए से अधिक की वसूली के लिए नोटिस जारी की गई है। डीएम ने यह भी बताया कि उनके द्वारा कुछ अन्य क्षेत्रों में भी हुए अवैध खनन का आंकलन करने के लिए अधिकारियों की टीम मौके पर भेजी गई है। रिपोर्ट मिलने के उपरान्त क्षति का आंकलन कर वसूली के लिए अतिरिक्त नोटिस भी जारी की जाएगी। अब तक की रिपोर्ट के मुताबिक, कल्यानपुर में तीन गाटा में 2800 वर्गमीटर के क्षेत्रफल में अवैध खनन किया गया था। यहां खातेदारों की मिलीभगत से रात में अवैध रूप से मिट्टी व बालू का खनन होती थी। ज्ञातव्य है कि गोंडा से भाजपा सांसद कीर्तिवर्धन सिंह द्वारा की गई शिकायत पर पिछले कई महीने से लगातार सुनवाई करने के उपरान्त राष्ट्रीय हरित न्यायाधिकरण (एनजीटी) ने अभियुक्तों के विरुद्ध की गई प्रभावी कार्रवाई को देखते हुए प्रकरण को निक्षेपित करते हुए स्थानीय अधिकारियों को दोषमुक्त कर दिया है किन्तु मौके की जांच के लिए विशेषज्ञों की एक टीम जिले में भेजने का निर्णय लिया है जो शीघ्र ही जनपद पहंुचकर मौके का निरीक्षण कर एनजीटी को रिपोर्ट सोंपेगी।

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