किसानों के आंदोलन ने धारण किया उग्र रूप

नागौर, राजस्थान/भुराराम जॉगीड़ : राजस्थान की मध्य प्रदेश सीमा में कर्ज माफी के लिए किसानो का आंदोलन बड़ा ही उग्र रुप धारण करता जा रहा है। बेकाबू किसानों में लगभग यह आंदोलन आग की तरह फैल रहा है। जिनमें 10 प्रमुख जिलों मे मंदसौर से लेकर देवास सतना छिंदवाड़ा उज्जैन नीमच इंदौर खंडवा भोपाल तक फैल चुका है सबसे अधिक आंदोलन का प्रभाव देवास में है जहां आंदोलनकारियों ने बुधवार को इंदौर से भोपाल जा रही चार चार्टर्ड बसों में आग लगा दी। यात्रियों ने खेतों में छिप कर अपनी जान बचाई मौके पर प्रशासन ने दमकल की गाड़ियां मंगवाई तो दमकल की गाड़ियों को भी आग के हवाले कर दिया गया। जिसके बाद देवास के बागली एवं हाटपिपलिया कस्बे के थानों में आग लगा दी गई। भोपाल में भी एक बस को आग लगा दी गई जिसके बाद सीतामऊ टोल नाके पर भारी तोड़फोड़ की गई और बहीं कस्बे में फैक्ट्री सह वेयरहाउस को आग के हवाले कर दिया गया। सुवासरा में बेकाबू किसानों का गुस्सा इतना भारी रहा कि थाना प्रभारी को सभी पुलिसकर्मियों सहित पुलिस थाना छोड़कर भागना पड़ा। पुलिस अधिकारियों ने जब मंदसौर मुख्यालय पर रैपिड एक्शन फोर्स मंगवाने की मांग की तो मजीस्ट्रैट को निर्णय लेने में ही 40 मिनट से ज्यादा का समय लग गया और उसके बाद रैपिड एक्शन फोर्स को इस हिदायत पर भेजा गया कि वह आंसू गैस और लाठी चार्ज नहीं करेंगे हजारों आंदोलनकारी घूमते रहे इस दौरान गोलीकांड के शिकार 6 किसानों का शांति के साथ अंतिम संस्कार कर दिया गया है।  इधर विपक्ष अपनी चाल चलने का मजा ले रहा है। ऐसा ही एक माजरा गुरुवार को देखने को मिला जहां हर बार की तरह कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने भीड़भाड़ के रास्ते ना चुनकर राजस्थान के रास्ते सीमापार होने के बाद आंदोलन में जाने की कोशिश की और वहां राजस्थान की सीमा से सटे नयागांव में पुलिस अधिकारियों से काफी झड़प के बाद जबरदस्ती एक जितेंद्र पटवारी की मोटरसाइकिल पर बैठकर जाने लगे तो कुछ सिपाहियों ने उनकी बाइक की चाबी निकाल ली। पूरा माजरा समाप्त होने के बाद उन्होंने कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने मंदसौर में पिपलियामंडी में मृत किसानों के घर जाने की बात कही वहां पर भी राहुल गांधी को हिरासत में ले लिया गया और जिसके 4:30 घंटे बाद छोड़ दिया गया। वहां राहुल गांधी ने कहा कि किसानों को उपज का पूरा दाम मिलना चाहिए उनके कर्ज माफ होने ही चाहिए मोदी सरकार किसानों की मांग मानने की वजह गोली ही दे रही है। पीएम नरेंद्र मोदी ने कई रैलियों में यूपी में कर्ज माफी की घोषणा की और सीएम योगी आदित्यनाथ ने कैबिनेट की पहली बैठक में ही 36359 लाख रुपए का कृषि ऋण माफ किया इसके बाद अन्य राज्यों में भी इस मांगने बड़ा जोर पकड़ लिया।

300 से ज्यादा छोटे-बड़े वाहनों में तोड़फोड़ और आग लगा दी गई।
20 से ज्यादा बसों को तोड़फोड़ और आग के हवाले कर दिया गया।
दो पुलिस थानो को भी आग के हवाले कर दिया गया।
पांच चार्टर्ड बसों को भी आग लगाकर खाक कर दिया गया।
आंदोलन में शहीद सिपाही के अंतिम संस्कार में शामिल होने गए पिपलियामंडी के जिला कलेक्टर स्वतंत्र कुमार के साथ भी किसानों ने मारपीट की और कपड़े फाड़ दिए।
लगभग आधे से ज्यादा जिलों में कर्फ्यू बेअसर है आंदोलनकारियों ने जब चाहा जहां चाहा उपद्रव मचा दिया हर जगह आग लगा दी गई।
कई जिलों में प्रशासन और किसानो ने जबरन दुकानें बंद करवाई।

महाराष्ट्र के मुंबई और पुणे में भी लगभग 7 दिनों से आंदोलन जारी है।
जहॉ मंगलवार और बुधवार को दो-दो किसानों ने भी आत्महत्या की है।v

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