भक्त के बिना भगवान का अस्तित्व नहीं : संत मोरारी बापू

रूद्रप्रयाग, उत्तराखंड/नगर संवाददाताः केदारपुरी चल रही नौ दिवसीय श्रीराम कथा ने रविवार को पूर्णाहुति के साथ विराम ले लिया। इस मौके पर हजारों भक्तों ने प्रसाद स्वरूप भंडारे का भोग भी लगाया। अंतिम दिन कथा प्रवचन करते हुए राम कथा मर्मज्ञ संत मोरारी बापू ने कहा कि पौराणिक कथाओं के श्रवण मात्र से मन की शुद्धि तो होती ही है, जीवन के सभी कष्टों का निवारण भी हो जाता है। संत मोरारी बापू ने भक्त एवं भगवान के बीच संबंधों पर विस्तार से प्रकाश डाला। कहा कि जब भक्त हैं, तभी भगवान भी है। भक्ति से ही भगवान प्रसन्न होते हैं। इसलिए कलयुग में भगवान की भक्ति अवश्य करनी चाहिए। कहा कि मनुष्य का कब जन्म हो जाए और कब अंत, यह किसी को पता नहीं। वर्ष 2013 में आई आपदा में हजारों लोग मौत की नींद सो गए। इस आपदा के बारे में किसी ने कभी सोचा भी नहीं था। इसलिए सभी लोगों को साथ लेकर आगे बढ़ो। किसी के प्रति ईष्र्या की भावना मत रखो। जितने क्रोध पर जीत हासिल कर दी, वह कहीं मार नहीं खा सकता। इस दौरान भजन मंडली ने भजनों की सुमधुर प्रस्तुति से माहौल को राममय बना दिया। अंत में ब्राह्मणों ने जौ-तिल से हवन कर पूर्णाहुति की। आरती के बाद भक्तजनों ने प्रसाद का भोग लगाया। इससे पूर्व, सुबह ब्राह्मणों ने वैदिक मंत्रोच्चार के साथ गणेश पूजा, पंच पूजा, वेदी पूजा एवं व्यास पूजा समेत नित्य पूजाएं संपन्न कराईं। केदारनाथ में मोरारी बापू ने जिस पांडाल में कथा प्रवचन किए, वह अब प्रशासन के सुपुर्द कर दिया गया है। इसमें प्रशासन के और से यात्रियों के ठहरने की व्यवस्था की जाएगी। ऐसे में अब केदारपुरी में तीन हजार से अधिक श्रद्धालु और ठहर सकेंगे। पांडाल के साथ ही रजाई, कंबल आदि सामाग्री भी आयोजन समिति ने प्रशासन को सौंप दी। डीएम मंगेश घिल्डियाल ने बताया कि पांडाल में यात्रियों के ठहरने के लिए व्यवस्था की जा रही है।

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