जल स्वावलंबन अभियान के द्वितीय चरण के परिणाम भी सार्थक नजर आने शुरू हो गए

पाली, राजस्थान/महेन्द्र कुमारः जिले में मुख्यमंत्री जल स्वावलंबन अभियान के द्वितीय चरण के परिणाम भी सार्थक नजर आने शुरू हो गए है। यही कारण है कि पाली जिले में हाल में हुई बारिश के बाद जिले में मुख्यमंत्री जल स्वावलंबन अभियान के तहत करवाए गए कार्यों पर काफी मात्रा में पानी की आवक हुई है। जिससे पशु-पक्षियों के लिए जीवनदायिनी साबित होगा। जिला कलेक्टर सुधीर कुमार शर्मा ने बताया कि राज्य सरकार ने जल संरक्षण को लेकर मुख्यमंत्री जल स्वावलंबन अभियान शुरू किया था। इस अभियान के उदेश्य यही है कि जल का संरक्षण करना है तथा गांवों को जल के मामले में आत्मनिर्भर बनाना है। साथ ही पशुओं व पक्षियों के लिए भी पानी की समस्या ने निजात मिले। इसी उददेश्य से पाली जिले के 53 ग्राम पंचायतों के 102 राजस्व गांवों तथा दो नगरीय निकायों में 9 दिसंबर 2016 को मुख्यमंत्री जल स्वावलंबन अभियान का द्वितीय चरण का आगाज हुआ था। इसी अभियान के तहत जिले के विभिन्न गांवों में भामाशाहों के सहयोग से एमपीटी, नाडा खुदाई, तालाब खुदाई व मेड़बंदी का कार्य करवाया गया तथा कई स्थानों पर कार्य करवाया जा रहा है। इसमें गांव वालों के अलावा भामाशाहों ने तन-मन व धन से सहयोग करवाएं जा रहे है। हाल ही में 21 मई को जिले में तेज अंधड़ के साथ हुई बारिश से रोहट व रायपुर पंचायत समिति सहित कई क्षेत्र में अभियान के तहत बनाई गई जल संरक्षण संरचनाओं में पर्याप्त मात्रा में पानी की आवक होने से पशु व पक्षियों के लिए करीब एक-डेढ़ माह का पानी आ गया है। साथ इन जल संरक्षण की संरचनाओं में भरे पानी से आस-पास के कुएं रिचार्ज भी होंगे तथा खेतों में भी नमी होगी। ऐसे में मुख्यमंत्री जल स्वावलंबन अभियान के द्वितीय चरण के सार्थक परिणाम नजर आने लग गए है। पाली जिले में मुख्यमंत्री जल स्वावलंबन अभियान के तहत बनाई जा रही जल संरक्षण संरचनाओं के निर्माण में तकनीकी अधिकारियों की मेहनत रंग ला रही है। इसी का परिणाम है कि हाल ही में हुई बारिश से रोहट क्षेत्र में अधिकांश जल संरचनाओं में पर्याप्त पानी आ गया हैं। जल ग्रहण विकास विभाग के अधीक्षण अभियंता हीरालाल अहीर ने बताया कि मुख्यमंत्री जल संरक्षण अभियान के द्वितीय चरण में रोहट पंचायत समिति के खारड़ा ग्राम पंचायत अंतर्गत एमपीटी 328 सहित कई जल संरक्षण संरचनाओं का निर्माण करवाया गया। जिसमें तकनीकी अधिकारियों द्वारा स्थानों का चयन कर निर्माण कार्य करवाया गया। उन्होंने बताया कि तकनीक एवं ले आउट के कारण जलग्रहण विभाग द्वारा खारड़ा गांव के अंतर्गत फायरिंग रेंज एनएच 62 के पास एमपीटी 328 का निर्माण करवाया गया। वहां पर हाल ही में हुई बारिश से इनमें करीबन 2000 से 4000 घन मीटर पानी एकत्रित हो चुका है।

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