लोगों की शिकायत दूर करने को केजरीवाल ने खोले मंत्रियों-अधिकारियों के ‘दरवाजे’

नई दिल्ली/नगर संवाददाताः मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने आदेश जारी किया है कि दिल्ली सरकार के सभी मंत्री और अधिकारी रोजाना सोमवार से शुक्रवार तक 10 से 11 बजे तक एक घंटा आम लोगों से मिलेंगे। ये फैसला 1 जून से लागू होगा। इस दौरान आम लोग बिना किसी अपॉइंटमेंट के अधिकारियों और मंत्रियों से उनके दफ्तर में मिल सकेंगे। केजरीवाल सरकार ने ये फैसला लोगों की शिकायत कम करने के मद्देनजर लिया है। इस संबंध में जरूरी इंतजाम करने के लिए मुख्यमंत्री केजरीवाल ने मुख्य सचिव को आदेश दिया है। फैसले की जानकारी देते हुए उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने कहा कि मुख्यमंत्री, मंत्री आदि लोगों से कहाँ मिलेंगे इसकी जानकारी बाद में दी जाएगी। सरकार के अधिकारी अपने कार्यालय में लोगों की शिकायत सुनेंगे। दिल्ली सचिवालय में भी लोग बगैर पूर्व अपॉइंटमेंट के सीधा वरिष्ठ अधिकारियों से मिल सकेंगे। हालांकि, पूरी प्रक्रिया की विस्तृत जानकारी बाद में दी जाएगी। सरकार ने आदेश जारी किया है कि इस दौरान कोई भी विभागीय मीटिंग नहीं रखी जाएगी। साथ ही शिकायत लेकर आने वाले लोगों की पूरी जानकारी लिखी जाएगी। एक हेल्पलाइन नम्बर भी जारी किया जाएगा ताकि लोग अपना फीडबैक दे सकें। सिसोदिया ने कहा कि शिकायत आ रही थी कि लोग अपनी समस्याओं को लेकर अधिकारियों से नहीं मिल पा रहे हैं। इसी वजह से ये फैसला लिया गया है। माना जा रहा है कि दिल्ली नगर निगम चुनाव में हुई हार के बाद केजरीवाल सरकार को एहसास हो गया है कि उनकी लोकप्रियता का ग्राफ तेजी से गिर रहा है। इसीलिए समय रहते इसको दुरुस्त करने के लिए पब्लिक-कनेक्ट का ये फैसला लिया गया है। इससे पहले 49 दिनों की सरकार में अरविंद केजरीवाल ने सचिवालय में जनता दरबार बुलाया था। लेकिन पहले ही दिन इतनी भीड़ आई कि केजरीवाल को भागना पड़ा गया था। मौजूदा सरकार में मुख्यमंत्री अपने घर पर 3 दिन लोगों से मिलते हैं। ऐसे में देखना होगा कि लोगों की शिकायत दूर करने के लिए लिया गए ताजा फैसले को केजरीवाल सरकार अमल में कैसे लाती है?

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