स्टेट बैंक ऑफ इंडिया के नए नियमों का हो रहा विरोध, केंद्र पर धोखा देने का आरोप

स्टेट बैंक ऑफ इंडिया के नए नियमों का हो रहा विरोध, केंद्र पर धोखा देने का आरोप

नई दिल्ली/नगर संवाददाताः स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (एसबीआई) के उस आदेश के बाद लोग काफी गुस्‍से में हैं, जिसमें घोषणा की गई है कि जून से उसके एटीएम से सभी नकद निकासी पर शुल्क लगाया जाएगा। बैंक के नए नियम के अनुसार हर बार जब कोई एसबीआई ग्राहक एटीएम से कैश निकालेगा, तो 25 रुपये का शुल्‍क लगाया जाएगा। साथ ही 5000 रुपये से अधिक के पुराने और गंदे नोटों के बदले पर भी शुल्क लगाया जाएगा। सीपीआई-एम के लोकसभा सदस्य एम. बी. राजेश ने कहा, ‘यह बेरहमी है और केंद्र सरकार लोगों को धोखा दे रही है। जब से नोटबंदी का फैसला लिया गया, तब से ही केंद्र सरकार लोगों के साथ दादागिरी कर रही है। ये दादागिरी संसद के भीतर और बाहर दोनों जगह देखने को मिल रही है। वहीं पॉपुलर फिल्म पर्सनालिटी शोबी थीलाकान ने इसे ‘केंद्र की लोक-विरोधी नीति’ करार दिया। उन्‍होंने कहा, ‘एसबीआई स्थानीय धन उधारदाताओं से भी बदतर हो गया है और आम आदमी की चमड़ी उतारने में लग गया है। इस नई नीति के खिलाफ एक भारतीय स्टेट बैंक एटीएम के सामने ग्राहकों को गुस्सा व्यक्त करते हुए भी देखा गया। स्‍टेट बैंक ऑफ इंडिया के एक ग्राहक जो रिटायर्ड टीचर हैं, उन्‍होंने कहा, ‘केंद्र सरकार ने लोगों को धोखा दिया है। उनसे बड़ी समझदारी और चालाकी से यह कदम उठाया है। अब स्‍टेट बैंक ऑफ त्रावणकोर का विलय एसबीआई में हो गया है। ऐसे में स्‍टेट बैंक ऑफ त्रावणकोर के ग्राहक भी एसबीआई के साथ जुड़ गए हैं। ऐसे में एसबीआई जो नियम बनाएगी, वो सभी पर लागू होंगे।’ एसबीआई के खिलाफ केरल में बड़े पैमाने पर विरोध हो सकता है। ऐसे में देखना है कि केरल के भाजपा नेताओं की इस मुद्दे पर क्‍या प्रतिक्रिया सामने आती है।

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