एवीएम में गड़बड़ी को लेकर चुनाव आयोग के दफ्तर के बाहर आम आदमी पार्टी का प्रदर्शन

नई दिल्ली/नगर संवाददाताः भ्रष्टाचार के आरोपों पर आम आदमी पार्टी के मुखिया और दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल खामोश हैं, लेकिन ईवीएम के मुद्दे पर उनकी पार्टी लगातार हमला बोल रही है। दिल्ली विधानसभा का विशेष सत्र बुलाकर आम आदमी पार्टी ने अपनी मशीन के जरिए ईवीएम में गड़बड़ी का खुलासा किया. आज आम आदमी पार्टी के कार्यकर्ता दिल्ली में चुनाव आयोग के दफ्तर के बाहर प्रदर्शन कर रहे हैं। आम आदमी पार्टी की मांग है कि अब से सभी चुनाव में ईवीएम के साथ वीवीपीएटी का भी इस्तेमाल हो. यही नहीं आम आदमी पार्टी ये भी चाहती है कि काउंटिंग के बाद 25 फीसदी बूथ पर वीवीपीएटी से निकली पर्चियों की गिनती की जाए। दिल्ली विधानसभा में ईवीएम जैसी दिखने वाली मशीन से छेड़छाड़ कर दिखाने वाले आप के विधायक सौरभ भारद्वाज के दावों को चुनाव आयोग ने खारिज कर दिया पर सौरभ अभी भी अपने दावे पर डटे हुए हैं। ईवीएम विवादों के बीच 12 मई को चुनाव आयोग ने क्षेत्रीय और राष्ट्रीय पार्टियों के साथ एक बैठक बुलाई है, इस मीटिंग के लिए चुनाव आयोग ने पांच मुद्दे रखे हैं। चुनाव आयोग ने सरकार से कहा था कि अगर फरवरी 2017 तक वीवीपीएटी मशीनों का ऑर्डर नहीं दिया गया तो 2019 में होने वाला लोकसभा चुनाव इन मशीनों के बगैर ही करना पड़ेगा। वीवीपीएटी मशीन का पूरा नाम मतदाता सत्यापित पेपर ऑडिट ट्रेल है। ये एक खास किस्म की मशीन है जिसे ईवीएम के साथ अटैच किया जाता है। इसके जरिए वोटर को उसके वोट का फीडबैक दिया है कि पार्टी या उम्मीदवार को उसने वोट दिया, उसी को वोट गया है या नहीं। वोट डालने के बाद इसमें से एक पर्ची निकलती है. इस पर्ची पर सीरियल नंबर, नाम और उस कैंडिडेट का इलेक्शन सिम्बल होता है, जिसे वोटर ने वोट दिया है। यह पर्ची सिर्फ 7 सेकेंड के लिए दिखती है, इसके बाद मशीन में लगे बॉक्स में चली जाती है। वोटों की गिनती के वक्त अगर ईवीएम खराब हो जाए या दोबारा वोटों की गिनती की जरूरत हो तो इन्हीं पर्चियों के ज़रिए दोबारा गिनती की जा सकती है।

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