माउण्ट आबू में नाके पर कर लीकेज पकडा, प्रशासनिक कारणों से नाकेदार को हटाया

माउण्ट आबू में नाके पर कर लीकेज पकडा, प्रशासनिक कारणों से नाकेदार को हटाया

सिरोही, राजस्थान/स्टेनली मैकार्थीः माउण्ट आबू स्थित यात्री कर नाके पर पार्षदों ने जांच के दौरान यात्रीकर की चोरी पकडी। इसके बाद कार्यवाहक आयुक्त को बुलवाया और नाके के कैश काउंटर की जांच की तो वहां भी गडबडी मिली। शाम को प्रशासनिक कारणों से आयुक्त ने नाकेदार को कानसिंह को हटाकर सहायक राजस्व निरीक्षक शैतानाराम को  नाका प्रभारी का चार्ज सौंपा। सवेरे करीब सवा दस बजे के आसपास पार्षद सुनील आचार्य और कस्तूरी कंवर ने ढूंढाई के मोड के पास यात्रियों की गाडियां रोकी। इनसे यात्रीकर नाके पर दिए गए वाहन शुल्क की रसीदें मांगी। इस दौरान चार वाहन चालकों के पास रसीद नहीं मिली। आचार्य ने सबगुरु न्यूज को बताया कि अहमदाबाद निवासी परेश पटेल ने बताया कि उन्होंने आधे घंटे में यात्री कर नाके से आने वाले सात वाहनों को रोका। इनमें से चार के पास रसीद नहीं मिली। इन वाहन चालकों में से  तीन ने बताया कि उन्होंने यात्री कर नाके पर सौ-सौ रुपये तथा एक ने दो सौ रुपये दिए, लेकिन नाके से इसकी रसीद नहीं दी गई। इसके बाद इन पार्षदों ने नगर पालिका के कार्यवाहक आयुक्त दिलीप माथुर और पार्षद मांगीलाल काबरा को बुलवाया। इन लोगों ने उन वाहन में आए पर्यटकों से जानकारी ली। आयुक्त के साथ पार्षदों ने यात्री कर नाके की जांच की। वहां के दो काउंटरों की जांच करने पर एक काउंटर पर 1300 रुपये ज्यादा मिले। वहीं दूसरे काउंटर में 1000 रुपये कम मिले। इतना ही नहीं वहां पर लूज रसीदें भी मिली। नाके पर काउंटरों पर स्थायी कर्मचारियों की नियुक्ति है। यही लोग पैसेंजरों से पैसे का लेनदेन करते हैं। वहीं वाहनों को रोकने उन्हें व्यवस्थित करने के लिए अस्थायी कर्मचारी लगाए हुए हैं। जांच के दौरान काउंटर पर अस्थायी कर्मचारी बैठे हुए मिले। आधे घंटे में ही पांच सौ रुपये की हेरफेर मिली। ऐसे में चैबीस घंटे में इस अनुपात से जोडें तो कम से कम भी यह राजस्व हानि प्रतिदिन करीब दस हजार रुपये की होती है और मासिक तीन लाख रुपया बैठती है। यह  पहली बार नहीं हुआ है कि यहां पर राजस्व की चोरी पकडी है। इससे पहले उपखण्ड अधिकारी अरविंद पोसवाल, गौरव अग्रवाल और इनके बाद वर्तमान उपखण्ड अधिकारी सुरेश ओला ने भी यह अनियमितता पकडी थी। -इनका कहना है नियमित रूप से चेकिंग होती है। नौकायन के कलेक्शन और यात्रीकर नाके के कलेक्शन में अनुपातिक अंतर आने पर यह शक हुआ। जांच की तो यह अनियिमतता सामने आई।

Share This Post

Post Comment