धौलाकुआ से मानेसर तक पानी पर चलेगी बस

पंचकूला, हरियाणा/नगर संवाददाताः केंद्रीय सड़क परिवहन राजमार्ग व जहाजरानी मंत्री नितिन गडकरी ने सोमवार को 140.84 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले 7.7 किलोमीटर लंबे सूरजपुर-सुखोमाजरी पिंजौर बाईपास की आधारशिला रखी। उन्होंने कहा कि आने वाला समय प्रदूषण मुक्त वाहनो का है और ऐसी बसो का संचालन किया जाएगा जो जल-थल दोनो मार्गो पर चल सकें। धौलाकुआ से मानेसर तक पानी पर चलने वाली बस संचालित करने के कार्यक्रम तैयार किए गए हैं। इसी प्रकार पाला से वजीराबाद तक भी पानी पर चलने वाली बस चलाने का प्रस्ताव तैयार किया गया है जिसकी शुरुआत छह महीने बाद मुख्यमंत्री मनोहर लाल की उपस्थिति में की जाएगी। गडकरी ने कहा कि 135 किलोमीटर लंबे इस्टर्न पेरिफरल एक्सप्रेस-वे का 60 प्रतिशत निर्माण कार्य पूरा हो चुका है। 15 अगस्त को इसका शुभारंभ प्रधानमंत्री नरेद्र मोदी के हाथों करवाया जाएगा। एक्सप्रेस-वे का निर्माण अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप किया जा रहा है। इस एक्सप्रेस-वे के बनने से दिल्ली में वाहनों का दबाव 50 प्रतिशत कम हो जाएगा और प्रदूषण भी कम होगा। गडकरी ने कहा कि 4418 करोड़ रुपये की लागत से 135 किलोमीटर लंबाई का यह देश का प्रथम एक्सेस कंट्रोल मार्ग होगा और इसके निर्माण से उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, पंजाब, हरियाणा, राजस्थान, हिमाचल प्रदेश व जम्मू-कश्मीर राज्यों के आपसी आवागमन के लिए वाहनों को दिल्ली में प्रवेश नहीं करना पड़ेगा। 5 नवंबर 2015 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस्टर्न पेरिफरल एक्सप्रेस-वे परियोजना की आधारशिला रखी थी। इस दौरान मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने नीतिन गडकरी के समक्ष कई सड़क परियोजनाओं की मांग रखी जिसे गडकरी ने मंजूरी दे दी। उन्होंने राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या 22 पर सेक्टर-20, 12 व 3 के लिए अंडरपास तथा खंगेसरा- काला अंब सड़क मार्ग को चारमार्गी, अम्बाला-साहा-शाहबाद, पलवल में दिल्ली चौक पर विशेष जंक्शन, राष्ट्रीय राजमार्ग-10 पर बहादुरगढ़-सापला के बीच तीन अंडरपास, करनाल में ईस्टर्न बाईपास, केजीपी ईस्टर्न पेरिफेरी पर पलवल-अलीगढ़ मार्ग पर इटरचेंज बनाने की घोषणाएं की। मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने कहा कि शहरो में बाईपासो के निर्माण के कारण भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण आतरिक सड़को की मरम्मत नहीं कर पाता। उन्होंने केन्द्रीय सड़क परिवहन मंत्री से माग की कि हरियाणा के 16 शहरो में ऐसी सड़कें है जो बाईपास के निर्माण के कारण शहर के अंदरूनी हिस्से में आ गई है। राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण को इन सड़को की एकमुश्त विशेष मरम्मत करनी चाहिए जिस पर 170 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है। गडकरी ने मुख्यमंत्री की इस माग को मौके पर ही स्वीकृत करते हुए आश्वासन दिया कि हरियाणा सरकार की ओर से उनके मंत्रालय के समक्ष जो भी माग आएगी, उसे पूरा करने का हरसंभव प्रयास किया जाएगा। मौके पर सासद रतनलाल कटारिया, विधायक ज्ञानचंद गुप्ता, कालका की विधायक लतिका शर्मा ने भी अपने विचार रखे। मौके पर परिवहन मंत्री कृष्ण लाल पंवार, श्रम एवं रोजगार राज्यमंत्री नायब सिंह सैनी, केन्द्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय के सचिव संजय मित्रा, हरियाणा लोक निर्माण विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव आलोक निगम, उपायुक्त गौरी पराशर जोशी, डीसीपी अशोक कुमार, अतिरिक्त उपायुक्त राजेश जोगपाल उपस्थित थे।

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