माता-पिता से दुर्व्यवहार पर हाईकोर्ट की नसीहत- इतिहास खुद को दोहराता है

मुंबई, महाराष्ट्र/हर्षद जोशीः इतिहास खुद को दोहराता है। यह कहते हुए दिल्ली हाई कोर्ट ने एक व्यक्ति को चेतावनी दी, जिस पर अपने भाई के साथ मिलकर अपने बुजुर्ग माता-पिता के साथ दुर्व्यवहार करने का आरोप है। कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश गीता मित्तल व न्यायमूर्ति अनु मल्होत्र ने दोनों भाइयों से कहा कि जिस तरह आप अपने माता-पिता से व्यवहार कर रहे हैं वहीं बर्ताव आपको भविष्य में अपने बच्चों से मिलेगा। अदालत ने कहा कि यह टिप्पणी नहीं, बल्कि जीवन की सच्चाई है। जो आप अपने माता-पिता के साथ करते हैं वहीं आपको अपने बच्चों से वापस मिलता है। ऐसे में आप अपनी दुनिया क्यों नहीं सही बनाते और अपने माता-पिता को उनकी वृद्धावस्था में शांतिपूर्ण तरीके से रहने देते हैं। अदालत दोनों भाइयों द्वारा दाखिल याचिका पर सुनवाई कर रही है। दोनों ने एकल पीठ के उस आदेश को चुनौती दी है जिसमें कहा गया है कि अपने माता-पिता के साथ दुर्व्यवहार करने, गाली-गलौज करने वाले बालिग बच्चों को वह अपने घर से निकाल सकते हैं। अदालत ने मामले की सुनवाई के लिए 19 सितंबर की तारीख तय की है। अदालत ने मामले में सीनियर सिटीजन मैनटेनेंस टिब्यूनल के दोनों भाइयों को घर से निकालने संबंधी आदेश की कॉपी भी अदालत में पेश करने को कहा है। इस मामले में एकल पीठ ने 15 मार्च को यह फैसला दिया था कि माता-पिता अपने साथ दुर्व्यवहार करने वाले बालिग बच्चों को अपने घर से निकाल सकते हैं। उनके पास कानूनन यह अधिकार है।

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