अपने कर्तव्य पालन पर मिली लाइन हाजिर की सजा

मुंबई, महाराष्ट्र/नजीर मुलाणीः कोकण परिक्षेत्र के अधिकारी वसई तालुका के अनेक फ़र्ज़ी बिल्डर को बचाने का काम गत एक वर्ष से कर रहे है। आरटीआई व पत्रकारों के नाम पर वसूली करने वाले खंडनीखोर निष्कासित डॉ. अनिल यादव पर वसई पुलिस-स्टेशन मानिकपुर और वालीव पुलिस स्टेशन में दर्ज गुनाह में गिरफ्तार (अमोल पाटिल व योगेश वेद) आरोपी की निशानदेही व एलसीबी नालासोपारा इंचार्ज प्रशांत लांगी की कड़क निष्पक्ष पड़ताल से स्थानीय राजनीति के एक बड़े राजनेता की गर्दन तक ना पहुंच पाये इस लिए कोकण भवन से बड़े पुलिस अधिकारी ने प्रशांत लांगी को लाइन हाजिर किया। पालघर एलसीबी नालासोपारा शाखा इंचार्ज प्रशांत लांगी ने अपने कर्तव्य का पालन कर के अपनी टीम के काबिल साथियों के साथ (गुप्त मिशन से) यूपी जैसे राज्य से शातिर डॉ. अनिल यादव को गाज़ियाबाद से गिरफ्तार कर के कानून के शिकंजे में लाकर अपना फर्ज पूरा किया। लेकिन कुछ बड़े अधिकारी (कोकण भवन) ने (पैसा या पोलिटिकल पॉवर)  से अपनी ज़िमेदारी को नजर अंदाज कर के डॉ. अनिल यादव की छुपी सहायता करके अपने फ़र्ज़ से दगा करना चाहते थे पर प्रशांत लांगी जैसे कर्तव्यनिष्ठ अधिकारी के आगे उन बड़े अधिकारियों की कुछ नही चली और उन्होंने बिना किसी को बताए गुप्त मिशन से डॉ. अनिल यादव को गिरफ्तार कर के उन अधिकारियों की बोलती बंद कर दी। इस घटना से उन बड़े अधिकारियों को अपने चहेते राजनेता को जवाब देते नही बन रहा था तो उस बड़े अधिकारी (कोकण भवन) ने अपने पोजिशन का गलत उपयोग कर के कर्तव्यनिष्ठ अधिकारी को लाइन हाजिर कर दिया। इस मामले की जानकारी मिलने के बाद स्थानीय बांधकाम व्यवसायो में भारी रोष है और उनका मानना है कि ये घटना कही राजनीति से प्रेरित तो नही या केवल धन के लिये अपने जूनियर अधिकारी को मुख्यालय जमा किया है। स्थानीय पत्रकार व जनता जवाब मांगती है कि एक डॉ. अपने पेशे से हट कर लोगो को ब्लैकमेल कर के करोड़ो की काली कमाई से एक ईमानदार पुलिस अधिकारी को कैसे लाइन हाजिर करा सकता है। इस का जवाब किसी ना किसी बड़े अधिकारी को देना चाहिए।

Share This Post

Post Comment