घनसाली में ग्रामीणों ने तहसीलदार को बनाया बंधक

टिहरी गढ़वाल, उत्तराखंड/नगर संवाददाताः बूढ़ाकेदार क्षेत्र में गुनसोला लघु जल विद्युत परियोजना के अधिकारी कर्मचारियों के आवासीय कॉलोनी में चानी के ग्रामीणों के लगाए चार माह पूर्व तालों को खोलने पर आक्रोशित ग्रामीणों ने मौके पर गए तहसीलदार को बंधक बनाकर कर प्रशासन के वाहन को परियोजना स्थल पर घेरा। उन्होंने परियोजना को जाने वाली सड़क पर जाम भी लगाया। बाल गंगा नदी पर निर्मित गुनसोला लघु जल विद्युत परियोजना ने ग्राम चानी के लोगों की भूमि पर डैम के अधिकारी कर्मचारियों के रहने के लिए आवासीय भवनों का निर्माण का मामला काफी समय से विवादों में चल रहा है। प्रशासन व ग्रामीणों के बीच कई बार की वार्ता हुई, लेकिन वार्ता सफल नहीं रही, इस पर ग्रामीणों ने बीते दस जनवरी से आवासीय भवनों पर ताला बंदी कर दी थी। उनकी मांग है कि जब तक गुनसोला कंपनी उनकी बंजर जमीन के लिए नहर निर्माण, साल भर मे देने वाला फसलाना सहित अन्य मांगों पर अमल नहीं किया जाता है तो तब वह भवनों पर तालाबंदी जारी रखी जाएगा, लेकिन रविवार दोपहर एक बजे बाल गंगा तहसील प्रशासन ने मौके पर जाकर भवनों पर लगाए तालों को पुलिस फोर्स के साथ खुलवा दिए, इससे आक्रोशित ग्रामीणों  ने प्रशासन और परियोजना प्रबंध के खिलाफ नारेबाजी कर परियोजना स्थल पर धरने पर बैठ गए। मौके पर गए तहसीलदार मोहन लाल आर्य को बंधक बनाकर रखा है। ग्राम प्रधान किशन सिंह रावत का कहना कि  परियोजना से चानी के ग्रामीणों की कृषि भूमि गोशालाएं सहित अन्य भारी नुकसान हुआ है, लेकिन परियोजना प्रबंधक लोगों की समस्या पर ध्यान देने के बजाय लोगों पर आरोप लगा कर प्रशासन से दबाव  बनाने का प्रयास कर रहा है। बाद में प्रबंधक से वार्ता विफल होने प्रशासन ने सात कमरों को सीज कर दिया है। इस दौरान परामानंद, उत्तम चंद, कुशुम देवी, वैशाखी देवी, विशम्बरी देवी, कमला देवी, ममता देवी, बिंदा देवी, राजी देवी, इन्द्र देवी, प्यारी देवी, सालिक राम, महेश सहित सैकड़ों लोग मौजूद थे। उधर तहसीलदार मोहन लाल आर्य ने बताया कि परियोजना स्थल पर अधिकारी कर्मचारियों के भवनों पर ग्रामीणों ने मांग को लेकर दस जनवरी को ताले लगाए थे जिनको खोल दिया गया था। उन्होने कंपनी प्रबंधक से वार्ता सफल नहीं रही, इसके बाद दोपहर को जिन सात कमरों के ताले खोले गए थे उन्हें दोबरा सीज कर दिया गया है। समाचार लिखे जाने तक परियोजना प्रबधंन प्रशासन की ग्रामीणों से वार्ता जारी है।

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