अनाधिकृत निर्माण हटाने के लिए मुम्बई हाईकोर्ट की नयी वैज्ञानिक तकनीक का प्रयोग करने की सलाह

मुंबई, महाराष्ट्र/दिलशाद अहमदः मुंबई नगर में अनाधिकृत निर्माण तेजी से फ़ैल रहा है, ऐसे में, मुंबई में अनधिकृत कब्जेदार को हटाने के लिए मुम्बई महानगर पालिका को नयी तकनीक की सहायता लेने की मुम्बई हाईकोर्ट की सलाह। मुंबई स्थित मुम्बई सेंट्रल के जुगिया में रहने वाले मकान धारक को प्राइवेट बिल्डर द्वारा विकसित की जाने वाली याचिका के ऊपर सुनवाई के दौरान मुम्बई हाइकोर्ट ने राज्यस्तर पर गैरकानूनी निर्माण और कब्जेदार पर अंकुश लगाने के लिए नयी वैज्ञानिक तकनीक के प्रयोग की सलाह दी। माननीय जस्टिस नरेश पाटिल और डॉक्टर शालिनी फणसलकर जोशी इनकी दो सदिस्य न्यायिक बेंच ने मुम्बई महानगर कि पानी कि पाइप लाइन पर आबाद अनधिकृत बस्तियां को तुरंत हटाने और वापस अन्य स्थान पर बसाने की सलाह दी। इसी दौरान कोर्ट को बताया गया कि मुम्बई महागरपालिका ने मुम्बई सेंट्रल इलाके में पाइप लाइन पर आबाद बस्तियों को हटाने कि लिए प्राइवेट बिल्डरों को पाइप लाइनों के करीब ईमारत निर्माण करने और उन्हे भी इसी स्थान पर आबाद करने का ठेका दिया है। जबकि ईमारत के आस पास 10 मीटर खुली जगह होना जरूरी है। लेकिन मुम्बई महानगर पालिका ने हाईकोर्ट से 3 मीटर खुली जगह छोड़ने की इजाजत मांगी है। इस पर हाईकोर्ट ने पाइप लाइन पर बसी हुई अनधिकृत आबादी हटाने का हुक्म दिया ताकि पाइप लाइन को नुकसान न पहुंचे।

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