पिता पुत्र की साथ उठी अर्थी, ग़मगीन माहौल में हुआ अंतिम संस्कार

बारमेर, राजस्थान/मोहनलालः घर से ख़ुशी के गीत गाकर रवाना हुआ खेराजराम बिश्नोई का परिवार चौहटन अपनी पौत्री के मामेरा लेकर रवाना हुआ था।लेकिन कुदरत को कुछ और ही मंजूर था कि ख़ुशी को घर से पंद्रह किलोमीटर दुरी पर ही गम में बदल दिया। जालोर बाड़मेर की सीमा पर गाड़ी एक ट्रेलर से टकरा गयी और उसमे पिता-पुत्र सहित तीन जनों की मौत हो गयी। पंद्रह लोग घायल हो गए। पिता खेराजराम और पुत्र मनोहरलाल की मौत की खबर सुनकर पूरा गांव शोक में डूब गया।हर व्यक्ति के जुबान पर एक ही शब्द था कि हे भगवान आपने यह क्या कर दिया। जब पिता और पुत्र का शव उनके घर पहुँचा तो पूरा गांव शोक में डूब गया। गांव के लोग ढांढस बंधाते नजर आये। जब पिता पुत्र की मौत का समाचार सुना तो गांव में चूल्हे भी नहीं जले और गांव में दूकानदारों ने प्रतिष्ठान बंद रखकर शोक मनाया।

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