17वीं नेशनल पैरा-एथलेटिक्स चैंपियनशिप का हुआ समापन, हरियाणा ने जीते सर्वाधिक गोल्ड मैडल

जयपुर, राजस्थान/ दीपक कुमार शर्माः राजधानी जयपुर के सवाई मानसिंह स्टेडियम में चल रही 17वीं नेशनल पैरा-एथलेटिक्स चैंपियनशिप का समापन समारोह मंगलवार को हुआ। समापन समारोह के मुख्य अतिथि जयपुर-शहर सांसद रामचरण बोहरा रहे। बोहरा ने पैरा ऐथलीट का हौंसला बढ़ाते हुए कहा कि- सामान्य खिलाड़ी भी इतना अच्छा नहीं खेल पाते, जितना दिव्यांग खिलाड़ियों ने खेला है। इनकी प्रतिभा की सराहना करते हुए बोहरा ने कहा कि मुझे इन खेलों में शरीक होने का अवसर पहली दफा मिला है। इन प्रतिभाओं से मिलकर गर्व महसूस हुआ। जयपुर और राजस्थान के लिए ये गर्व की बात है कि पैरा ओलंपिक कमेटी ऑफ इंडिया (पीसीआई) ने राजस्थान को मेजबानी का मौका दिया। उन्होंने कहा की भविष्य में पैरा लिम्पिक खेलों से सम्बंधित किसी भी आयोजन के लिए जिस तरह के भी सहयोग की अपेक्षा उनसे होगी उसे वो सहर्ष पूरा करेंगे। समापन समारोह में नि:शक्त जन आयोग के कमिश्नर धन्नाराम राजपुरोहित भी मौजूद थे। मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने अपने शुभकामना संदेश में कहा कि इतनी बड़ी संख्या में दिव्यांग प्रतिभाओँ ने यंहा खेल का श्रेष्ठ प्रदर्शन किया और अंतर्राष्ट्रीय स्तर के खिलाडी तैयार करने के लिए ऐसे आयोजन होते रहने चाहिए। उन्होने इसके लिए पैरा लिम्पिक कमेटी ऑफ़ इंडिया को धन्यवाद दिया और उन्होंने सभी खिलाड़ियों को भविष्य में खेली जाने वाली प्रतियोगिताओं के लिए भी शुभकामनाएं दी। पैराऐथलीट खेलों में कुछ एथलीटों ने विभिन्न श्रेणियों में अनेक पदक जीत कर सबको चकित कर दिया। उड़िसा की ज्योत्सना बैरा, हरियाणा के धर्मवीर, अर्जुन अवॉर्ड विजेता हरियाणा के अमित सरोहा और राजस्थान की शताब्दी अवस्थी ने अपने बेहतरीन प्रदर्शन से खेलों को नया आयाम दिया। पैरालिम्पिक कमेटी के पदाधिकारियों के मुताबिक यंहा चयनित खिलाडी 2020 के टोकियो पैरालिम्पिक खेलों में पदक के प्रबल दावेदार हैं।

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हरियाणा रहा पहले स्थान पर:- आशीष यादव अध्यक्ष, राजस्थान पैराऐथलीट संघ ने कहा की टीम और साथियों के सहयोग से 17वीं पैराऐथलीट चैंपियनशिप और 16वीं पैरास्वीमिंग चैंपियनशिप का आयोजन सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। इसे सफल बनाने के लिए पैराऐथलीट संघ, राजस्थान को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से सहयोग देने वाले सभी सहयोगियों के अथक प्रयास किये। ये सभी खिलाडी हमारी राष्ट्रीय धरोहर हैं। अंतिम दिन 4 गुणा 100 मीटर रिले दौड़ के मुकाबले हुए। इन खेलों के पुरुष वर्ग में हरियाणा की टीम छाई रही। टी-11,12 और 13 श्रेणी के मुकाबले में हरियाणा की टीम ने स्वर्ण जीता, वहीं दिल्ली की टीम दूसरे पायदान पर रही। जबकि ओडिशा की टीम ने अपने राज्य को कांस्य दिलवाया। वहीं टी 36,37 श्रेणी के संयुक्त मुकाबले में भी हरियाणा की टीम ने स्वर्ण जीता, जबकि यहां भी दिल्ली की टीम ने रजत जीता। वहीं झारखंड ने कांस्य हासिल किया। जबकि टी-42. 44 और 46 श्रेणी में हरियाणा की टीम ने स्वर्ण, एसएससीबी ने रजत और दिल्ली नने कांस्य जीता। महिला वर्ग की टी-11,12 और 13 श्रेणी के मुकाबले में दिल्ली की टीम शीर्ष पर रही, जबकि गुजरात दूसरे पायदान पर और छत्तीसगढ़ तीसरे पायदान पर रहा। टी-45, 46 और 47 श्रेणी के मुकाबले में राजस्थान ने स्वर्ण, महाराष्ट्र ने रजत और दिल्ली ने कांस्य जीता। 4 गुणा 400 मीटर दौड़ में महिला वर्ग की टी 42 और 46 श्रेणी में राजस्थान ने स्वर्ण, दिल्ली ने रजत और हरियाणा ने कांस्य जीता। जबकि इसी खेल के पुरुष वर्ग के टी 11, 12 और 13 श्रेणी के मुकाबले में हरियाणा ने स्वर्ण, दिल्ली ने रजत और ओडिशा ने कांस्य जीता। पैरा-ऐथलीट खेलों के साथ-साथ 16वीं पैरा-स्वीमिंग चैंपियनशिप का भी आयोजन किया गया था। इस चैंपियनशिप में बैक स्ट्रोक, फ्री स्टाईल, रिले और  बटरफ्लाई श्रेणी में 100 मीटर, 50 मीटर और 200 मीटर के मुकाबले हुए। चैंपियनशिप में महाराष्ट्र ने जहां शीर्ष स्थान हासिल किया, वहीं पश्चिम बंगाल दूसरे स्थान पर रहा, जबकि कर्नाटक ने तीसरा स्थान हासिल किया।

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राजस्थान का अब तक का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन :- पैरास्वीमिंग चैंपियनशिप में राजस्थान के खिलाड़ी भी छाए रहे। 8वें स्थान पर रही राजस्थान की टीम ने 25 स्वर्ण समेत और 8 रजत समेत 34 पदक जीते। इनमें महिला वर्ग में 19 और पुरुष वर्ग मे 6 स्वर्ण राज्य को हासिल हुए। राजस्थान की टीम का मुख्य आकर्षण किरण टाक और सूफिया मौला रहीं। दोनों ने अलग-अलग श्रेणियों में 6 स्वर्ण जीते, जो कि नेशनल रिकॉर्ड है। जबकि अनुश्री मोदी ने भी 5 स्वर्ण और 1 रजत समेत 6 पदक जीते। इनके अलावा मंजू कंवर ने एक स्वर्ण, एक रजत और साथी मंडल ने भी एक स्वर्ण जीता।

पुरुष वर्ग में सूफिया मौला के ही भाई अज़ीबुर रहमान मौला छाए रहे। अज़ीबुर ने 4 स्वर्ण राजस्थान को दिलवाए, वहीं जगदीशचंद्र तेली ने 1 स्वर्ण और 3 रजत दिलवाए। दिनेश कुमार ने एक स्वर्ण और एक 1 कांस्य, उपेंद्र आर्य ने 2 रजत और लोकेश सांखला ने एक रजत राजस्थान को दिलवाए।

पैरा लिम्पिक राजस्थान के सचिव दिनेश उपाध्याय ने कहा की राष्ट्रीय खेलों का आयोजन करना हमारे लिए सम्मान की बात है ऐसे आयोजन समय समय पर राजस्थान में होते रहेंगे तो भविष्य में राजस्थान से और प्रतिभाशाली खिलाडी निकलते रहेंगे। पिंटू गहलोत, मैनेजर एवं कोच, राजस्थान पैरा स्वीमिंग टीम ने कहा की राजस्थान में पहली बार महिला वर्ग में दो खिलाडियों ने 6-6 स्वर्ण पदक लिए हैं। 25 स्वर्ण समेत कुल 34 पदक मिलना राज्य के लिए गर्व की बात है। मेरा विश्वास है की सूफिया और अजीबुर 2020 के टोक्या पैरा लिम्पिक में पदक लेकर अवश्य आयेंगे। साथी मंडल और अनुश्री मोदी भी यूथ ऐशियन पैरा गेम्स-2017 में पदक की प्रबल दावेदार होंगी।

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