चुनाव आयोग सख्त, अगर चुनावी पंडितों ने की पार्टी की हार-जीत भविष्यवाणी की तो खैर नहीं

नई दिल्ली/नगर संवाददाताः हाल ही में संपन्न हुए पांच राज्यों के विधानसभा चुनाव में कुछ मीडिया समूहों द्वारा निर्वाचन आयोग के दिशा-निर्देश का उल्लंघन करने के मामले को देखते हुए आयोग ने गुरूवार को एकबार फिर से निर्देश जारी कर मीडिया समूहों से भविष्य में ऐसा करने से बचने की सलाह दी है। आयोग ने एक निश्चित समय-सीमा तय करते हुए मीडिया समूहों को निर्देश दिया था कि कोई भी मीडिया समूह इस तय समय के पहले एक्जिट पोल का प्रसारण नहीं करेगा, लेकिन कुछ मीडिया समूह ने आयोग के निर्देश को दरकिनार एक्जिट पोल का प्रसारण किया। न्यूज ब्रॉडकॉस्टर्स एसोसिएशन के महासचिव और भारतीय प्रेस परिषद के सचिव को भेजी चिट्ठी में निर्वाचन आयोग ने मीडिया (प्रिंट एवं इलेक्ट्रॉनिक) से भविष्य में संभावित चुनाव परिणाम या एक्जिट पोल का प्रसारण न करने के लिए कहा है। चिट्ठी में कहा गया है कि अनुच्छेद 126ए के प्रावधानों और निर्वाचन आयोग द्वारा चार मार्च को जारी अधिसूचना के तहत उस समयसीमा को स्पष्ट करने के बावजूद, जिसके अंदर एक्जिट पोल के लिए सर्वेक्षण करना या इसका प्रसारण प्रतिबंधित किया गया था, ऐसा पाया गया कि कुछ टेलीविजन चैनलों ने ऐसे कार्यक्रमों का प्रसारण किया जिसमें किस पार्टी को कितनी सीटें मिलेंगी इसका अनुमान व्यक्त किया गया। आयोग ने कहा है कि निर्वाचन आयोग का मानना है कि प्रतिबंध की अवधि के भीतर ज्योतिषियों, टैरो कार्ड विशेषज्ञों, राजनीतिक विश्लेषकों या किसी भी अन्य तरीके से चुनाव का संभावित परिणाम बताने वाले कार्यक्रमों का प्रसारण आर. पी. अधिनियम की धारा 126ए का उल्लंघन है। आयोग ने यह भी कहा कि ‘उद्देश्यपूर्ण पत्रकारिता और आचार संहिता एवं नियमों का पालन’ करने वाली मीडिया के सहयोग के बिना निर्वाचन आयोग भी ‘वह विश्वसनीयता हासिल नहीं कर सकेगा, जैसी इसने चुनाव प्रबंधन के क्षेत्र में पूरी दुनिया में अर्जित की है’।

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