फरीदकोट सरकारी अस्पताल में चूहों का आतंक, आईसीयू में तीन मरीज जख्मी

फरीदकोट, पंजाब/नगर संवाददाताः पंजाब के फरीदकोट जिले में आधुनिक और एक मात्र सरकारी अस्पताल के तौर पर चर्चित गुरु गोबिंद सिंह अस्पताल हमेशा से ही सुर्खियों में रहता है। यहां मरीजो की देखभाल और सफाई के चर्चे आए दिन अखबारों में छपते रहते हैं। उसी अस्पताल से एक ऐसी खबर भी आ रही है कि वहां सुरक्षित माने जाने वाले आईसीयू में चूहों ने तीन मरीजों को जख्मी कर दिया है। आईसीयू जहां सीरियस स्थिति में मरीज दाखिल किए जाते हैं। जहां डॉक्टर समेत सभी लोग चप्पल उतार कर और मास्क लगा कर दाखिल होते हैं। वहां चूहे तीन मरीजों के हाथों की अंगुलि चबा गए। एक मरीज की तो सारी अंगुलियां ही जख्मी हो गई हैं। ऐसे में मरीज के परिवार वालों ने अस्पताल प्रशासन को जमकर फटकार लगाई और मुख्यमंत्री से शिकायत की बात कही। इस मामले पर अस्पताल के मेडिकल सुपरिटेंडेंट मामूली घटना कह कर दबाने की कोशिश करने लगे और आगे से ध्यान रखने की बात कहने लगे। वहीं जब मीडियाकर्मियों ने इस घटना के लिए जिम्मेदार अथॉरिटी के बारे में पूछा तो उन्होंने खुद को ही जिम्मेदार बता डाला। मेडिकल अस्पताल में दाखिल हरप्रीत कौर के रिश्तेदार जोगिन्दर कालड़ा ने कहा कि अस्पताल में सफाई नाम की कोई चीज नही है। चूहे सारे वार्डों में यूं ही फिर रहे हैं। डॉक्टर भी नहीं आते। पूरे अस्पताल का काम सिर्फ स्टाफ नर्सों के भरोसे चल रहा है। वे कहते हैं कि बीती रात चूहों ने एक लड़की के हाथों को जख्मी कर दिया। वे चाहते हैं कि अस्पताल के लापरवाह कर्मचारियों पर सख्त कार्रवाई की जाए। वे स्वास्थ्य मंत्री से शिकायत की बात करते हैं। इसी अस्पताल में अपने पिता के गुर्दों का इलाज करवाने पहुंचे गुरदर्शन कहते हैं कि बीती रात चूहों ने उनके पिता को जख्मी कर दिया। उनकी उंगलियों से अब भी खून निकल रहा है।  जब उनसे चूहों के अस्पताल पर घूमने की बात पूछी गई तो वे कहते हैं कि चूहों को कौन रोक सकता है। वे तो किसी के भी टांगों के नीचे से निकल सकते हैं। फिलहाल वे इसकी सारी जिम्मेदारी खुद पर ले रहे हैं। उन्होंने इस मामले पर पर्दा डालने के लिए कहा कि अस्पताल की साफसफाई का मामला देख रहे स्टाफ का कॉन्टैक्ट खत्म हो गया और नए स्टाफ बहाली के लिए टेंडर निकले हैं। वे आगे से ऐसी बातें न दुहराए जाने की बात कहते हैं।

Share This Post

Post Comment