बिहार में बिजली बिल की कीमत ‘दोगुनी’, बीजेपी के विरोध के बाद गरमाई राजनीति

पटना, बिहार/नगर संवाददाताः बिहार में एक अप्रैल से बिजली का बिल लोगों को बड़ा झटका देने वाला है। बिहार में बिजली की दरों में भारी बढ़ोतरी का एलान किया गया है। इसबीच बिजली बिल में बढ़ोतरी को लेकर राजनीति शुरू हो गई है। बीजेपी ने कहा है कि इसके विरोध में पार्टी सड़क पर उतरेगी। वहीं सरकार कह रही है कि चौबीस घंटे बिजली सप्लाई होनी है इसलिए पैसा तो चाहिए। बिहार के लोगों को बिजली ने करंट का बड़ा झटका दिया है. बिजली नियामक आयोग ने बिजली की दरों में एक मुश्त 55 प्रतिशत का इजाफा कर दिया है। जहां पहले शहरी क्षेत्र में 3 रूपये के जगह अब 5.75 पैसे लगेगा, वहीं ग्रामीण क्षेत्रों में 2.10 की जगह 5.75 पैसे प्रति यूनिट देना होगा। इसे लेकर राजनीतिक दलों ने विरोध शुरू कर दिया है। पूर्व उप मुख्यमंत्री सुशील मोदी ने बिजली दर की बढ़ोतरी पर कहा है कि सरकार ने बिहार में जनता को बड़ा बोझ दे दिया है। इस मुद्दे को वे विधान सभा में उठाएंगे और जब तक सरकार बढ़ोतरी दर वापस नहीं लेगी तब तक सदन चलने नहीं देंगे। उन्होंने कहा कि ‘सरकार ने अपनी विफलता और निकम्मेपन को छुपाने के लिए यह कदम उठाया है।’ इस बीच बिजली बढ़ोतरी को लेकर सरकार के बिजली मंत्री बिजेंद्र यादव ने अपनी तर्क देते हुए कहा की ये सरकार का सही फैसला है। बिजली दरें सभी राज्यों से सस्ती थी। रेगुलेटरी कमिटी ने समीक्षा कर दरों में बढ़ोतरी की है। उन्होंने कहा कि ‘पिछले तीन-चार साल से रेट नहीं बढ़े थे। अगर हर घर में बिजली देनी है तो पैसे की जरूरत पड़ेगा ही।’

Share This Post

Post Comment