बिहार में भयावह है तपेदिक का संक्रमण, पांच में दो व्‍यक्ति शिकार

पटना, बिहार/नगर संवाददाताः बिहार में टीबी (तपेदिक) फिर भयावह रूप लेता जा रहा है। यहां हर पांच में से दो लोग इसके बैक्‍टीरिया से संक्रमित है। हालांकि, राहत की बात यह है कि इस बीमारी का संपूर्ण इलाज संभव है। शर्त यह है कि दवा का पूरा कोर्स लिया जाए। विश्व टीबी दिवस की पूर्व संध्या गुरुवार को अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) पटना में आयोजित कार्यक्रम में टीबी के संबंध में गहन चर्चा की गई। इसमें बीमारी के आंकड़ों, बिहार में हालात व निदान के उपायों पर विमर्श किया गया। बताया गया कि पिछले वर्ष बिहार में कुल 65 हजार टीबी के रोगी डॉट्स प्रोग्राम के अंतर्गत रजिस्टर्ड हुए थे। उनमें से 44 हजार 238 मरीजों के खखार में बैक्‍टीरिया पाये गए थे। फेफड़ों की टीबी से संक्रमित व्यक्ति एक साल में 10 से 15 स्वस्थ व्यक्तियों को इस बीमारी की चपेट में ला सकता है। एम्‍स के पल्मोनरी मेडिसिन विभाग की ओर से आयोजित इस कार्यक्रम में मुख्य वक्ता वीपी चेस्ट इंस्टीट्यूट नई दिल्ली के पूर्व निदेशक डॉ. राजेंद्र प्रसाद ने बताया कि टीबी का शत-प्रतिशत इलाज संभव है। मल्टी ड्रग रेजिस्टेंट टीबी से पीडि़त रोगियों के इलाज के परिणाम भी अच्छे हैं। इसमें समय रहते दवा आरंभ करना अनिवार्य है। पल्मोनरी मेडिसीन विभागाध्यक्ष डॉ. दीपेंद्र कुमार राय ने कहा कि एक्सट्रा पल्मोनरी टीबी अक्सर एचआइवी संक्रमित मरीजों में अधिक होता है। इसमें सबसे ज्यादा लिम्फ नोड टीबी के मरीज मिलते हैं। इसकी पहचान काफी चुनौतीपूर्ण होती है, क्योंकि इसमें बैक्टीरिया की संख्या काफी कम होती है। टीबी को लेकर पटना में और भी कई कार्यक्रम आयोजित किए गए। ‘पहल′ संस्था द्वारा आयोजित कार्यक्रम में डॉ. दिवाकर तेजस्‍वी ने प्रतिरोधक टीबी एमडीआर और एक्सडीआर को अत्यंत घातक बताया। कहा कि दवा का कोर्स छह से नौ माह का होता है।बीच में छोड़ने से इसके परिणाम भयावह हो सकते हैं। शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ. किरण शरण ने बच्चे को बीसीजी का टीका अवश्य दिलाने को कहा।

टीबी से बचाव के ये हैं उपाय :- जहां-तहां न थूकें, बाथरूम में थूककर फ्लश चलायें, टीबी मरीज साफ-सुथरा रहें, खांसते समय मुंह पर रुमाल रखें, संक्रमित व्यक्ति को रौशनी और धूप युक्त कमरे में रखें, पौष्टिक आहार लें, दवा का नियमित और सही डोज लें, दो सप्ताह से ज्यादा खांसी रहे और बलगम के साथ खून आए तो जांच जरूर कराएं।

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