दिल्ली में 60 हजार डॉक्टर आज हड़ताल पर, प्रभावित होगी स्वास्थ्य सेवा

नई दिल्ली/नगर संवाददाताः मुंबई में डॉक्टर के साथ मारपीट की घटना की आंच दिल्ली तक पहुंच गई है। घटना से नाराज दिल्ली सरकार के सभी अस्पतालों के करीब 10 हजार रेजिडेंट डॉक्टर बृहस्पतिवार को सामूहिक अवकाश पर रहे। केंद्र सरकार के आरएमएल व लेडी हार्डिग मेडिकल कॉलेज में भी रेजिडेंट डॉक्टर ड्यूटी पर नहीं पहुंचे। वहीं, महाराष्ट्र में डॉक्टरों की पिटाई के मामले पर दिल्ली में डॉक्टरों की हड़ताल शुक्रवार को भी जारी रहेगी। बताया गया है कि दिल्ली के सभी निजी और सरकारी अस्पताल के डॉक्टर आज हड़ताल पर रहेंगे। जाहिर है करीब 60000 डॉक्टरों के हड़ताल पर रहने के मद्देनजर आज स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित होंगी। दिल्ली के सभी निजी और सरकारी अस्पतालों में ओपीडी सुविधाएं शुक्रवार को बंद रहेंगी, जबकि इमरजेंसी सेवाएं उपलब्ध होंगी। मुहाराष्ट्र के धुले में डॉक्टर के साथ मारपीट के बाद अब दिल्ली में भी डॉक्टर सुरक्षा की मांग कर रहे हैं। डॉक्टरों की मांग है कि अस्पतालों में सुरक्षा के मद्देनजर गार्ड तैनात किए जाएं, मरीज के साथ दो अटेंडेंट ही हों, डॉक्टर्स और स्टाफ की संख्या बढ़ाई जाए, इंफ्रास्ट्रक्चर बढ़ाया जाए। वहीं मुंबई हाईकोर्ट में मार्ड द्वारा अंडरटेकिंग दिए जाने के बाद भी डॉक्टरों की हड़ताल अभी भी जारी है। डॉक्टर दो हिस्सों में बंट गए हैं, कुछ ड्यूटी पर लौट गए हैं, तो कुछ का कहना है कि कोर्ट में महाराष्ट्र एसोसिएशन ऑफ रेजीडेंट डॉक्टर्स (मार्ड) ने हड़ताल वापस लेने की घोषणा की लेकिन यह हड़ताल मार्ड द्वारा घोषित ही नहीं की गई थी ऐसे में उनके पास कोई अधिकार नहीं है कि वह हड़ताल को वापस लेने का कोई फरमान जारी करें। डॉक्टरों का कहना है कि यदि अगले 48 घंटों में सुरक्षा नहीं मिली तो डॉक्टर सामूहिक रूप से इस्तीफ़ा देंगे। वहीं, कल एम्स और सफदरजंग अस्पताल को छोड़कर दिल्ली के 33 अस्पतालों में ओपीडी सेवा चरमरा गई। हड़ताल से मरीज कराह उठे। अस्पतालों में इलाज के लिए पहुंचे मरीजों को मायूस होकर लौटना पड़ा। सैकड़ों मरीजों के ऑपरेशन भी टाल दिए गए। हालांकि अस्पतालों की इमरजेंसी में रेजिडेंट डॉक्टर ड्यूटी पर थे।130 अस्पतालों में हड़ताल का प्रभाव अधिक रहा। नए मरीजों के ओपीडी कार्ड तक नहीं बनाए गए। जीटीबी अस्पताल में रजिस्ट्रेशन काउंटर बंद रहा। लोकनायक, अंबेडकर अस्पताल, हेडगेवार, संजय गांधी स्मारक अस्पताल, भगवान महावीर अस्पताल, डीडीयू सहित अन्य अस्पतालों में रेजिडेंट डॉक्टर सुबह नौ बजे से चार बजे तक हड़ताल पर रहे। कई अस्पतालों में रेजिडेंट डॉक्टरों ने पोस्टर के जरिये मारपीट की घटनाओं का विरोध किया और सुरक्षा की मांग की। फेडरेशन ऑफ रेजिडेंट डॉक्टर्स एसोसिएशन (फोर्डा) के अनुसार दिल्ली के अस्पतालों में रोजाना करीब 1600 ऑपरेशन होते हैं। रेजिडेंट डॉक्टर ऑपरेशन थियेटर में भी ड्यूटी पर नहीं गए। इसलिए जिन मरीजों को ऑपरेशन की तारीख दी गई थी, उनमें से करीब 50 फीसद मरीजों के ऑपरेशन टालने पड़े।

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