उमा भारती का बयान- राम मंदिर के लिए दे सकती हूं जान

नई दिल्ली/नगर संवाददाताः केंद्रीय मंत्री उमा भारती ने आज विश्वास व्यक्त किया कि अयोध्या में राम जन्मभूमि पर भव्य राममंदिर का निर्माण का उनका सपना अवश्य पूरा होगा। भारती ने संसद भवन परिसर में संवाददाताओं से बातचीत में कहा कि राम मंदिर का मसला सुप्रीम कोर्ट में चल रहा है और अदालत का फैसला मान्य होगा। उन्होंने कहा, मैंने अयोध्या के आंदोलन में भागीदारी की थी। मैं उन नेताओं में से एक हूं, जिन्होंने अयोध्या आंदोलन में भागीदारी के लिए कभी खेद प्रकट नहीं किया, बल्कि गर्व किया। उन्होंने राममंदिर के लिए मुख्यमंत्री की कुर्सी तक कुर्बान कर दी है और अगर जरूरत पड़ी, तो वह अपनी जान तक कुर्बान कर देंगी। एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि मामले में सुप्रीम कोर्ट जो मार्गदर्शन करेगा, वह मान्य होगा। वहीं, सुप्रीम कोर्ट ने बाबरी मस्जिद विध्वंस मामले को 2 हफ्ते तक के लिए टाल दिया है। गाैरतलब है कि शीर्ष अदालत 1992 के बाबरी मस्जिद विध्वंस मामले में बीजेपी के वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी, मुरली मनोहर जोशी और उमा भारती के खिलाफ आपराधिक साजिश का मुकदमा चलाए जाने की मांग वाली याचिका पर सुनवाई कर रहा है। उमा भारती ने कहा कि हम मामले में सुप्रीम कोर्ट के फैसले को खुशी-खुशी स्वीकार करेंगे। हालांकि फिलहाल वह इस पर कोई प्रस्ताव नहीं दे सकती हैं। बता दें कि आडवाणी, जोशी, भारती के अलावा यूपी के तत्कालीन मुख्यमंत्री एवं राजस्थान के मौजूदा राज्यपाल कल्याण सिंह सहित बीजेपी और विश्व हिन्दु परिषद के नेताओं के खिलाफ आपराधिक साजिश के आरोप को खारिज करने के इलाहाबाद हाईकोर्ट के आदेश के खिलाफ सीबीआई ने सुप्रीम कोर्ट में अपील दाखिल की थी।

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