लोक सेवा आयोग के सभी इंटरव्यू और रिजल्ट पर रोक

लखनऊ, उत्तर प्रदेश/नगर संवाददाताः प्रदेश सरकार ने उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (यूपीपीएससी) में चल रहीं सभी भर्तियों के इंटरव्यू पर रोक लगा दी है। भर्तियों में गड़बड़ी की शिकायतों पर यह फैसला लिया गया है। उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग लंबे समय से विवादों के घेरे में है। कभी आयोग के अध्यक्ष की नियुक्ति तो कभी वहां चल रहीं भर्तियों में जाति विशेष के अभ्यर्थियों को लाभ देने के इल्जाम लगे। इन मुद्दों को लेकर इलाहाबाद में छात्रों ने प्रदेशव्यापी आंदोलन चलाया। हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की गई जिसके बाद लोकसेवा आयोग के अध्यक्ष अनिल यादव हटाये गए थे। आयोग द्वारा करायी गई पीसीएस-2015 की मुख्य परीक्षा में सुहासिनी बाजपेई नामक एक महिला अभ्यर्थी की कॉपी बदले जाने का मामला विधानसभा चुनाव के दौरान सामने आया था। यह मामला संसद में भी गूंजा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी इस प्रकरण का संज्ञान लिया था। उस समय उन्होंने वादा किया था कि भर्तियों को पारदर्शी व भ्रष्टाचारमुक्त बनाया जाएगा। नई सरकार के गठन के बाद भी लोक सेवा आयोग में चल रही भर्ती प्रक्रिया में गड़बड़ी की शिकायत के बाद मंगलवार शाम मुख्य सचिव राहुल भटनागर ने लोक सेवा आयोग के अध्यक्ष व सचिव को सभी पदों पर भर्ती के लिए इंटरव्यू पर रोक लगाने का आदेश दिया है। मुख्य सचिव ने इस आदेश की पुष्टि करते हुए कहा कि आयोग को अग्रिम आदेशों तक साक्षात्कार रोक देने के लिए कहा गया है। यह भी कहा है कि किसी भी भर्ती का रिजल्ट भी घोषित नहीं किया जाए। मुख्य सचिव का कहना है कि सरकार पारदर्शी भर्ती के लिए प्रतिबद्ध है, अगर कहीं से गड़बड़ी की शिकायत मिलेगी तो कार्रवाई की जाएगी। अखिलेश यादव सरकार में समूह ग व घ के पदों पर भर्ती के लिए गठित अधीनस्थ चयन सेवा आयोग पर भी तलवार लटक रही है। सूत्रों का कहना है कि भर्ती में गड़बड़ी की शिकायतें सरकार तक पहुंचने लगी हैं। ऐसे में इस आयोग को भंग किये जाने की आशंका जताई जा रही है।

Share This Post

Post Comment